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स्वास्थ्य केंद्रों का हाल बेहाल, कैसे होगा बेहतर इलाज

Fri, 11 Jun 2021 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 12:24 AM IST
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The condition of health centers is bad, how will be better treatment
पीडीडीयू नगर। कोरोना के बाद शासन और प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य केंद्रों को सुविधा सम्पन्न किय जा रहा है। लेकिन अब भी जिले के कई ऐसे स्वास्थ्य केंद्र और जच्चा बच्चा केंद्र हैं जो खंडहर बन चुके हैं। देखरेख के अभाव में इन केंद्रों पर कब्जा कर लोग मवेशियों को बांध रहे हैं। तो कहीं भूसा और पुआल भी रखा जा रहा है। कई स्वास्थ्य केंद्र महज एक वॉर्ड ब्वाय के सहारे चल रहे हैं। तो कहीं लाखों की लागत से लगाई गई जांच की मशीनें धूल फांक रही हैं।
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बरहनी ब्लॉक अमड़ा में बना 24 बेड का संयुक्त चिकित्सालय बदहाल स्थिति में है। यहां सुविधाएं नदारद हैं। यहां पर मात्र दो चिकित्सक हैं उसमें भी एक ही आते हैं। जबकि यहां फार्माशिस्ट को लेकर छह डॉक्टरों की नियुक्ति होनी है। चिकित्सकों के रहने के लिए बना आवास जर्जर होकर गिर रहा है और उसके खिड़की- दरवाजे भी गायब हो चुके हैं। अस्पताल के कमरे जर्जर हो चुके हैं और जगह जगह मोटी मोटी दरारें पड़ गई हैं। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो यहां चिकित्सकों-कर्मचारियों और मरीजों को बैठने के लिए मेज कुर्सी तक उपलब्ध नहीं है।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बाबू रामनरेश की पहल पर 1972-73 में अमड़ा में गांव के पश्चिम अमड़ा तुलसी आश्रम मार्ग पर पं. कमलापति त्रिपाठी ने 24 बेड के संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कराया था। शुरुआती दौर में इस चिकित्सालय का लाभ क्षेत्रीय लोगों को मिला। लेकिन पिछले दो दशकों से यह सीएचसी खुद बीमार चल रहा है। यहां पर चिकित्सकों के साथ- साथ एक्सरे व अल्ट्रासाउंड आदि आवश्यक मशीनें नहीं हैं। जिससे लोगों को एक्सरे,अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी आदि की सुविधाएं नहीं मिलती हैं।जब कोई घटना दुर्घटना होती है तो लोगों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाता है और उन्हें जिला अस्पताल की शरण लेनी पड़ती है। सीएचसी अमड़ा में स्वास्थ्य विभाग बिजली की व्यवस्था करने में भी नाकाम रहा है।जिससे शाम ढलते ही अस्पताल अंधेरे में डूब जाता है।क्षेत्र में लोग इसे बिना बिजली वाले अस्पताल के नाम से जानते हैं।
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कंदवा। ग्रामीणों की शिकायत है कि यहां तैनात एक डॉक्टर पिछले कई माह से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। अकेले डॉ. अनमोला कुमारी ही मरीजों को देखने का काम करती हैं। उनकी ड्यूटी अधिकतर पीपी सेंटर पीडीडीयू नगर में भी लगती रहती है। जिससे उस दौरान वे यहां सेवा नहीं दे पाती हैं।
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