{"_id":"64ee44cee84acdf88704a674","slug":"students-carrying-books-from-the-package-chandauli-news-c-189-1-svns1011-1862-2023-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: संकुल से किताबें ढोकर ले जा रहे छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: संकुल से किताबें ढोकर ले जा रहे छात्र
विज्ञापन
कंदवा। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से बच्चों को निशुल्क दी जाने वाली किताबें स्कूल तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन बरहनी विकासखंड में बच्चों को खुद संकुल से किताबें उठाकर स्कूल ले जाना पड़ रहा है जबकि सरकार द्वारा किताबें पहुंचाने के लिए विभाग को लाखों रुपए किराया दिया जाता है। ऐसा ही नजारा मंगलवार को अरंगी गांव में देखने को मिला जहां प्राथमिक विद्यालय के बच्चे अपने सिर पर किताबें ढ़ोते नजर आए।
सरकार ने निशुल्क किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लाखों रुपए का प्रबंध किया है लेकिन विभाग द्वारा हर स्कूल तक पहुंचाने के लिए जो वाहन तय किए गए हैं वो हर स्कूल तक पहुंचाने के बजाय (न्याय पंचायत) संकुल पर किताबें पहुंचा कर अपने कार्य की इतिश्री कर ले रहे हैं। इससे शिक्षकों व बच्चों को किताबों को अपने स्कूलों तक ले जाना पड़ रहा है। अरंगी में बच्चों को किताबें ढोते देख लोग आश्चर्य चकित रह गए। वहीं बच्चों को किताब ढोने से अभिभावकों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब बच्चे किताब ढोएंगे तो पढ़ेंगे कब। महानिदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि बच्चों की किताबें उनके स्कूल तक पहुंचाई जाएं लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते बच्चों को किताबें ढोकर स्कूल ले जाना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सरकार ने निशुल्क किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लाखों रुपए का प्रबंध किया है लेकिन विभाग द्वारा हर स्कूल तक पहुंचाने के लिए जो वाहन तय किए गए हैं वो हर स्कूल तक पहुंचाने के बजाय (न्याय पंचायत) संकुल पर किताबें पहुंचा कर अपने कार्य की इतिश्री कर ले रहे हैं। इससे शिक्षकों व बच्चों को किताबों को अपने स्कूलों तक ले जाना पड़ रहा है। अरंगी में बच्चों को किताबें ढोते देख लोग आश्चर्य चकित रह गए। वहीं बच्चों को किताब ढोने से अभिभावकों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब बच्चे किताब ढोएंगे तो पढ़ेंगे कब। महानिदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि बच्चों की किताबें उनके स्कूल तक पहुंचाई जाएं लेकिन अधिकारियों की मनमानी के चलते बच्चों को किताबें ढोकर स्कूल ले जाना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन