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हाईकोर्ट के आदेश के बाद थमी चुनाव प्रचार की रफ्तार

Sun, 14 Mar 2021 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Mar 2021 12:28 AM IST
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Speed ??of election campaign stopped after order of High Court
चंदौली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण प्रकिया पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट के आरक्षण और आवंटन की कार्रवाई पर रोक के बाद जनपद में उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आदेश आने के बाद जनपद के अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। वहीं फैसले के बाद जनपद में प्रत्याशियों के चुनावी प्रचार की रफ्तार थम सी गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव प्रचार में जुटे दावेदार मायूस हो गए हैं। अब उन्हें कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 17 मार्च को यूपी सरकार की ओर से आरक्षण की अंतिम सूची जारी की जानी थी लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। अब सोमवार को सरकार के जवाब दाखिल करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के फैसले के बाद अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि शासन के अगले आदेश तक पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 के लिए आरक्षण व आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए। गौरतलब है कि पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के स्थानों और पदों के आरक्षण व आवंटन के लिए 11 फरवरी, 2021 को अधिसूचना जारी की गई थी। इसके विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सरकार ने आरक्षण नियमावली जारी करते हुए चक्रानुक्रम फार्मूले पर आरक्षित सीटें निश्चित करने का निर्णय लिया था। जो पद विगत पांच चुनावों में कभी आरक्षण के दायरे में नहीं आए थे उनको प्राथमिकता के आधार पर आरक्षित किया जाना था। साथ ही वर्ष 2015 में जो पद जिस वर्ग में आरक्षित था इस बार उस वर्ग में आरक्षित नहीं रहना था।
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फैसले के बाद रुकी चुनावी प्रक्रिया
पंचायतों में आरक्षण आवंटन के बाद आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। आपत्तियां निस्तारण शुक्रवार तक पूरा करने के बाद 13-14 मार्च तक आरक्षण आवंटन की अंतिम सूचियां जिलों में प्रकाशित की जानी थीं। इसके बाद 15 मार्च को निदेशालय में सूचियां एकत्रित करने का कार्यक्रम था। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया है।
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