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Chandauli News: दूध में मिलावट पर चलेगा जांच विशेष अभियान
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पीडीडीयू नगर। दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करेगा। शासन के निर्देश पर मिलावटी दूध के खिलाफ विभाग की तरफ से विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पिछले दिनों अभियान चलाकर 10 नमूने लिए थे। नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-2025 में दूध के 22 नमूने लिए गए थे। इनमें से एक नमूना असुरक्षित पाया गया, जबकि 12 नमूनों की गुणवत्ता खराब मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए दूध विक्रेता अक्सर हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग करते हैं। डॉक्टर दूध पीने से होने वाले कई लाभ के बारे में बताते हैं, वहीं दूध में मिलावट होने पर यह शरीर को नुकसान भी पहुंचाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहीत अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले चकिया तिराहा स्थित दूध मंडी से दूध के 10 नमूने लिए गए थे। उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। शासन के निर्देश पर अब फिर से अभियान चलाकर नमूने जांच के बाबत लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कई बार हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह मूल रूप से दूध में बैक्टीरिया के विकास को रोकता है और इसे जमने से रोकता है। उन्होंने बताया कि मिलावटी दूध पीने से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा दूध में पॉम आयल की मिलावट भी होती है। इन्हीं सब की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। उधर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से वर्ष 2024-25 में दूध के 22 नमूने लिए गए थे। जांच में एक नमूना असुरक्षित पाया गया। वहीं 12 नमूनों की गुणवत्ता खराब मिली। इसमें से एक नमूने की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। विभाग की ओर से 10 केस फाइल किए गए हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए दूध विक्रेता अक्सर हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग करते हैं। डॉक्टर दूध पीने से होने वाले कई लाभ के बारे में बताते हैं, वहीं दूध में मिलावट होने पर यह शरीर को नुकसान भी पहुंचाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहीत अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले चकिया तिराहा स्थित दूध मंडी से दूध के 10 नमूने लिए गए थे। उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। शासन के निर्देश पर अब फिर से अभियान चलाकर नमूने जांच के बाबत लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कई बार हाइड्रोजन पैराक्साइड का उपयोग दूध की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह मूल रूप से दूध में बैक्टीरिया के विकास को रोकता है और इसे जमने से रोकता है। उन्होंने बताया कि मिलावटी दूध पीने से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा दूध में पॉम आयल की मिलावट भी होती है। इन्हीं सब की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। उधर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से वर्ष 2024-25 में दूध के 22 नमूने लिए गए थे। जांच में एक नमूना असुरक्षित पाया गया। वहीं 12 नमूनों की गुणवत्ता खराब मिली। इसमें से एक नमूने की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। विभाग की ओर से 10 केस फाइल किए गए हैं।
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