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एकजुटता व संस्कार संवर्धन से बनेगा समाज :गुरुपद संभव राम
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पड़ाव। हम श्रद्धा, विश्वास और लगाव से दूर हो गए हैं। पश्चिम का अंधानुकरण कर रहे हैं। इससे सामाजिक मूल्यों में गिरावट आ रही है। पारिवारिक एकजुटता और संस्कार संवर्धन से ही अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है। यह बात मंगलवार को अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के तहत आयोजित महिला और युवा गोष्ठी में भक्तों को संदेश देते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि हम दूसरों के विचारों की अपने मापदंडों जांच करें। वास्तविकता से दूर होने के कारण हम आगे तो बढ़ रहे हैं लेकिन परिवार टूट रहे हैं। अर्थ से ही हम अपने भाइयों, बहनों, माता-पिता, गुरुजनों, सज्जनों व महापुरुषों को तौल देते हैं। क्षेत्र, जाति, भाषा और रंग के नाम पर, अमीर गरीब के नाम पर हम इतने तोड़ दिए गए हैं कि एक-दूसरे से लड़ने को तैयार रहते हैं।
उन्होंने कहा है कि जब बच्चा गर्भ में रहता है तभी से उसको कैसे रखना है। कैसे मां की देखभाल करना है। इस पर हमें सोचना चाहिए। पति-पत्नी दोनों अर्थोपार्जन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि संतति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहा कि परिवार के बिखराव से बचाव के लिए महापुरुषों का संगत, उनकी वाणियों का अध्ययन आवश्यक है। प्रीति सिंह, रेनू सिंह, किरन, सोनी, पीसीएस अधिकारी शिल्पी यादव, अनूप सिन्हा, पूर्णिमा, प्रियांशु प्रिया, कृष्णमोहन, तुरबान (मानस), संतोष मिश्रा, राजेश मिश्रा, दिव्यांबर सिंह ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर नचिकेता ने भजन प्रस्तुत किया जबकि सुष्मिता ने मंगलाचरण किया। संचालन नीतू सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एसपी सिंह ने किया।
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उन्होंने कहा कि हम दूसरों के विचारों की अपने मापदंडों जांच करें। वास्तविकता से दूर होने के कारण हम आगे तो बढ़ रहे हैं लेकिन परिवार टूट रहे हैं। अर्थ से ही हम अपने भाइयों, बहनों, माता-पिता, गुरुजनों, सज्जनों व महापुरुषों को तौल देते हैं। क्षेत्र, जाति, भाषा और रंग के नाम पर, अमीर गरीब के नाम पर हम इतने तोड़ दिए गए हैं कि एक-दूसरे से लड़ने को तैयार रहते हैं।
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उन्होंने कहा है कि जब बच्चा गर्भ में रहता है तभी से उसको कैसे रखना है। कैसे मां की देखभाल करना है। इस पर हमें सोचना चाहिए। पति-पत्नी दोनों अर्थोपार्जन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि संतति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहा कि परिवार के बिखराव से बचाव के लिए महापुरुषों का संगत, उनकी वाणियों का अध्ययन आवश्यक है। प्रीति सिंह, रेनू सिंह, किरन, सोनी, पीसीएस अधिकारी शिल्पी यादव, अनूप सिन्हा, पूर्णिमा, प्रियांशु प्रिया, कृष्णमोहन, तुरबान (मानस), संतोष मिश्रा, राजेश मिश्रा, दिव्यांबर सिंह ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर नचिकेता ने भजन प्रस्तुत किया जबकि सुष्मिता ने मंगलाचरण किया। संचालन नीतू सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एसपी सिंह ने किया।
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