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रेलवे ट्रैक पर जान देने गईं सात जिंदगियां बचाई
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जीवनाथपुर में आत्महत्या का प्रयास करने वाले परिवार के साथ आरपीएफ जवान आरके सिंह।
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। रोज-रोज के झगड़ों से ऊबकर काली महाल निवासी एक परिवार रविवार की शाम जान देने के लिए जीवनाथपुर के पास रेलवे लाइन पर लेट गया। ट्रेन आने वाली थी तभी आरपीएफ के जवान की नजर पड़ गई। उसने तत्काल ट्रेन रोककर पांच बच्चों और पति-पत्नी को ट्रैक से हटाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पति-पत्नी और बच्चों की काउंसिलिंग कर हिदायत देते हुए घर भेजा गया। सभी बच्चे चार से 12 वर्ष के हैं।
रविवार की शाम छह बजे सीआरपीएफ के जवानों को लेकर सीआरपीएफ स्पेशल ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या सात से खुली। ट्रेन जीवनाथपुर के समीप पोल संख्या 674/25 के पास पहुंची। इसके पहले ड्यूटीरत आरपीएफ जवान आरआरके सिंह ने देखा कि रेलवे लाइन पर कुछ हलचल हो रही है। नजदीक जाकर देखा तो मासूम समेत पांच बच्चों के साथ दंपती रेलवे लाइन पर लेट गया है। यह देख उसके होश उड़ गए, उसने तत्काल ट्रेन रुकवाई। इसके बाद पूरे परिवार को ट्रैक से हटाया और ट्रेन पास कराया। पूछताछ में पता चला कि परिवार पीडीडीयू नगर के काली महाल के रहने वाले हैं। रोज -रोज के झगड़े से तंग आकर पांच बच्चों संग पति-पत्नी आत्महत्या करने यहां आए थे। काउंसलिंग करने के बाद परिवार को हिदायत दी गई कि भविष्य में ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे। सभी आपस में झगड़ा न करने को राजी हुआ। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। सोमवार को वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र के निर्देश पर महिला एसआई अर्चना कुमारी मीणा के साथ आरपीएफ के जवान पहुंचे और एक बार फिर पूरे परिवार की काउंसिलिंग की। उन्हें बताया गया कि यह आत्महत्या करना जुर्म है। पूरे मामले की जानकारी मुगलसराय कोतवाली पुलिस को भी दी गई है।
आत्महत्या की कोशिश कर रहे पूरे परिवार की जान बचाना आरपीएफ का सराहनीय काम है। सात जीवन बचाने वाले आरपीएफ जवान को पुरस्कृत करने के लिए आईजी को भी इसकी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं परिवार वालों को भी काउंसिलिंग के बाद एहसास हुआ है कि वह गलत कर रहा था। सतर्कता से कई जिंदगियां बची। यह सराहनीय है।
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आशीष मिश्र -वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, डीडीयू मंडल
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रविवार की शाम छह बजे सीआरपीएफ के जवानों को लेकर सीआरपीएफ स्पेशल ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या सात से खुली। ट्रेन जीवनाथपुर के समीप पोल संख्या 674/25 के पास पहुंची। इसके पहले ड्यूटीरत आरपीएफ जवान आरआरके सिंह ने देखा कि रेलवे लाइन पर कुछ हलचल हो रही है। नजदीक जाकर देखा तो मासूम समेत पांच बच्चों के साथ दंपती रेलवे लाइन पर लेट गया है। यह देख उसके होश उड़ गए, उसने तत्काल ट्रेन रुकवाई। इसके बाद पूरे परिवार को ट्रैक से हटाया और ट्रेन पास कराया। पूछताछ में पता चला कि परिवार पीडीडीयू नगर के काली महाल के रहने वाले हैं। रोज -रोज के झगड़े से तंग आकर पांच बच्चों संग पति-पत्नी आत्महत्या करने यहां आए थे। काउंसलिंग करने के बाद परिवार को हिदायत दी गई कि भविष्य में ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे। सभी आपस में झगड़ा न करने को राजी हुआ। इसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। सोमवार को वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र के निर्देश पर महिला एसआई अर्चना कुमारी मीणा के साथ आरपीएफ के जवान पहुंचे और एक बार फिर पूरे परिवार की काउंसिलिंग की। उन्हें बताया गया कि यह आत्महत्या करना जुर्म है। पूरे मामले की जानकारी मुगलसराय कोतवाली पुलिस को भी दी गई है।
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आत्महत्या की कोशिश कर रहे पूरे परिवार की जान बचाना आरपीएफ का सराहनीय काम है। सात जीवन बचाने वाले आरपीएफ जवान को पुरस्कृत करने के लिए आईजी को भी इसकी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं परिवार वालों को भी काउंसिलिंग के बाद एहसास हुआ है कि वह गलत कर रहा था। सतर्कता से कई जिंदगियां बची। यह सराहनीय है।
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आशीष मिश्र -वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, डीडीयू मंडल