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सरिता के सिर सजा ताज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 08 Jan 2016 01:23 AM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा प्रत्याशी सरिता सिंह ने गुरुवार
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को कांटे के मुकाबले में अपनी प्रतिद्वंद्वी और बसपा समर्थित निर्दल
प्रत्याशी किरन सिंह को तीन मतों से हरा दिया।
कलेक्ट्रेट में संपन्न हुए निर्वाचन में कुल 35 मतदाताओं ने मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। वोटों की गिनती में सरिता सिंह को 19 मत प्राप्त हुए, जबकि किरन सिंह को 16 मतों से संतोष करना पड़ा। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने सरिता सिंह को विजयी घोषित किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान गुरुवार को दोपहर ग्यारह बजे से कलेक्ट्रेट में शुरू हुआ। सबसे पहले दोनों प्रत्याशियों सरिता सिंह और किरन सिंह ने वोट डाले।
इसके बाद भैरव गुप्ता कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद एक-एक कर सभी सदस्यों ने अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
अपराह्न एक बजे तक 33 सदस्यों ने अपने-अपने वोट दिए। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के पुत्र संतोष यादव और भतीजे मुलायम सिंह यादव ने दो बजे अपने वोट डाले। तीन बजे के बाद मतदान समाप्ति की घोषणा की गई। इसके पश्चात दोनों प्रत्याशियों की देख-रेख में मतपेटिका को सील कर दिया गया।
बाद में सवा तीन बजे जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम और प्रेक्षक वार्ष्णेय की देखरेख में मतगणना का कार्य शुरू हुआ, जो साढ़े तीन बजे तक चला। जैसे-जैसे गिनती होती रही मतगणना कक्ष में मौजूद दोनों की प्रत्याशियों की भाव-भंगिमाएं बदलती रहीं।
कभी किरन सिंह के पक्ष में वोट अधिक हो रहे थे जो कभी सरिता सिंह बढ़त बना रही थी। अंत में नतीजा सामने आया, जो तीन वोटों के अंतर से सरिता सिंह के पक्ष में रहा। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने मतगणना समाप्ति और विजेता की घोषणा की।
इसके बाद सरिता सिंह और छत्रबली सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को समर्थकों की भीड़ से बाहर निकाला।
कलेक्ट्रेट में संपन्न हुए निर्वाचन में कुल 35 मतदाताओं ने मतदान प्रक्रिया में भाग लिया। वोटों की गिनती में सरिता सिंह को 19 मत प्राप्त हुए, जबकि किरन सिंह को 16 मतों से संतोष करना पड़ा। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने सरिता सिंह को विजयी घोषित किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान गुरुवार को दोपहर ग्यारह बजे से कलेक्ट्रेट में शुरू हुआ। सबसे पहले दोनों प्रत्याशियों सरिता सिंह और किरन सिंह ने वोट डाले।
इसके बाद भैरव गुप्ता कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद एक-एक कर सभी सदस्यों ने अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।
अपराह्न एक बजे तक 33 सदस्यों ने अपने-अपने वोट दिए। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के पुत्र संतोष यादव और भतीजे मुलायम सिंह यादव ने दो बजे अपने वोट डाले। तीन बजे के बाद मतदान समाप्ति की घोषणा की गई। इसके पश्चात दोनों प्रत्याशियों की देख-रेख में मतपेटिका को सील कर दिया गया।
बाद में सवा तीन बजे जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम और प्रेक्षक वार्ष्णेय की देखरेख में मतगणना का कार्य शुरू हुआ, जो साढ़े तीन बजे तक चला। जैसे-जैसे गिनती होती रही मतगणना कक्ष में मौजूद दोनों की प्रत्याशियों की भाव-भंगिमाएं बदलती रहीं।
कभी किरन सिंह के पक्ष में वोट अधिक हो रहे थे जो कभी सरिता सिंह बढ़त बना रही थी। अंत में नतीजा सामने आया, जो तीन वोटों के अंतर से सरिता सिंह के पक्ष में रहा। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने मतगणना समाप्ति और विजेता की घोषणा की।
इसके बाद सरिता सिंह और छत्रबली सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को समर्थकों की भीड़ से बाहर निकाला।