चहनियां। सदानीरा, पतित पावनी गंगा की दशा गंगा दशहरा पर अच्छी नहीं दिख रही है। इस वर्ष लॉकडाउन के दौरान गंगा जल साफ तो हुआ है लेकिन गर्मी में पानी की कमी हो गई है। कहा जाता है कि गंगा दशहरा से गंगा का बढ़ना शुरू हो जाता है लेकिन गंगा में उभरे रेत के टीले अलग ही कहानी सुना रहे हैं।
जीवनदायिनी मां गंगा का अवतरण गंगा दशहरा को हुुआ था। गंगा दशहरा का त्योहार सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन मां गंगाकी पूजा अर्चना की जाएगी और गंगा स्नान कर भक्त पापमुक्त होंगे। जिले में नियामताबाद, चहनियां और धानापुर ब्लाक से होकर गंगा बहती हैं। जिले के बड़े भूभाग पर गंगा के जल से सिंचाई होती है। बावजूद इसके गंगा की दशा दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। गंगा के तट के रहवासियों की माने तो डेढ़ दशक पहले तक गंगा दशहरा से गंगा के जल का बढ़ाव शुरू हो जाता था। भीषण गर्मी में भी गंगा में बीचोबीच रेत के टीले नहीं दिखते थे लेकिन अब वर्ष दर वर्ष रेत के टीले भयंकर होते जा रहे हैं। टांडा निवासी विजय नरायन पांडेय, राजमणि पांडेय, महुअर निवासी रामधनी मिश्र, जूड़ा निवासी उदय शंकर तिवारी, तिरगांवा निवासी मदन यादव, रामाशीष यादव भूसौला निवासी कमलेेश यादव, परासी निवासी मनोज यादव आदि ने बताया कि इस वर्ष लॉकडाउन के बाद गंगा का जल साफ हुआ है लेकिन रेत के टीले पूरी कवायद पर पानी फेर दे रहे हैं।