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बकाये मेहनताने के लिए नाविकों ने किया प्रदर्शन
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चंदौली के पड़ाव जिले के कुछ क्षेत्रों में दो वर्ष पूर्व आयी बाढ़ के दौरान नाविकों की मदद से राहत सामग्रियां पहुंचायी गई थी। दो वर्ष बाद भी जिला प्रशासन की ओर से नाविकों के पारिश्रमिक का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। इससे नाराज होकर सोमवार को नाविकों बहादुर गांव में जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। नाविकों ने कहा कि एक पहले का ही भुगतान बकाया है वहीं अब फिर से उन लोगों पर कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
नाविकों ने बताया कि वर्ष 2019 में जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए नावों के तय किया गया था। पड़ाव आसपास के क्षेत्रों के लिए छह नाव व बबुरी क्षेत्र में दो नावे लगायी गई थी।
बताया कि पड़ाव क्षेत्र में नाव के लिए प्रतिदिन 15 सौ रुपये व बबुरी क्षेत्र में 25 सौ रुपये पारिश्रमिक तय किया गया था। वर्ष 2019 में कुल 71 हजार रुपये का बकाया हो गया। इसके बाद आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया इस बाबत जिला अधिकारी को पत्रक दिया गया था लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। नाविकों के समक्ष जीवकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है। कहा कि अब फिर से जिला प्रशासन की ओर से नावों के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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नाविकों ने बताया कि वर्ष 2019 में जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए नावों के तय किया गया था। पड़ाव आसपास के क्षेत्रों के लिए छह नाव व बबुरी क्षेत्र में दो नावे लगायी गई थी।
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बताया कि पड़ाव क्षेत्र में नाव के लिए प्रतिदिन 15 सौ रुपये व बबुरी क्षेत्र में 25 सौ रुपये पारिश्रमिक तय किया गया था। वर्ष 2019 में कुल 71 हजार रुपये का बकाया हो गया। इसके बाद आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया इस बाबत जिला अधिकारी को पत्रक दिया गया था लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। नाविकों के समक्ष जीवकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है। कहा कि अब फिर से जिला प्रशासन की ओर से नावों के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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