चंदौली। पीएम गरीब कल्याण योजना के वितरीत खाद्यान्न राशन कार्ड धारकों को नसीब नहीं हो रहा है। कुछ ऐसा कारनामा बरहनी ब्लाक के सुढ़ना गांव स्थित कोटे की दुकान पर जांच में उजागर हुआ। जांच टीम ने कोटेदार के विरुद्घ सैयदराजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कोटेदार पर 66 कुंटल खाद्यान की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही लाइसेंस निरस्त करने के लिए संस्तुति पत्र डीएम को भेजा गया।
बरहनी ब्लाक के सुढ़ना गांव में बुद्धा आजीविका स्वयं सहायता मिशन को कोटे की दुकान के संचालन की जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन गांव के लोग समूह की सदस्य और कोटेदार सुनीता देवी के वितरण व्यवस्था से नाराज थे। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने इसकी जांच टीम गठित किया। टीम के सदस्य गांव पहुंच कोटेदार के स्टाक का मिलान किया। जांच टीम में एसडीएम सदर संजीव कुमार, आपूर्ति निरीक्षक और विपणन अधिकारी अमित सिंह शामिल रहे। जांच में जून से अगस्त के बीच अवशेष स्टाक के अनुसार गोदाम में 50.15 कुंटल गेंहू और 33.92 कुंटल चावल होना चाहिए, लेकिन गोदाम में महज नौ कुंटल गेंहू और आठ कुंटल चावल मिला। इस तरह से टीम को 41 कुंतल गेंहू और 25 कुंतल चावल का हिसाब नहीं मिला। ऐसे में अधिकारियों ने खाद्यान्न के कालाबाजारी के आरोप में कोटेदार पर सैयदराजा थाने में मुकदमा दर्ज कराने के साथ अनुबंध निरस्त करने के लिए डीएम से संस्तुति की।