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कच्ची शराब के धंधे से तौबा

Thu, 22 Oct 2015 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली Updated Thu, 22 Oct 2015 02:00 AM IST
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Repentance of raw liquor business
अलीनगर थाना क्षेत्र के रेमा गांव में कच्ची शराब बनाने के कारोबारियों ने
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बुधवार को खुद ही शराब न बनाने का संकल्प लिया और इस दौरान दो सौ लीटर कच्ची शराब और चार कुंतल लहन को नष्ट कर दिया।

साथ ही इस कारोबार में लिप्त लोगों को पुलिस को सौंप देने पर भी सहमति हुई। इसके पहले ग्राम प्रधान पति ने ग्रामीणों के साथ बैठक करके गांव में अवैध शराब का कारोबार बंद करने का आग्रह किया था। उन्होंने ग्रामीणों को इससे हो रहे नुकसान के बारे में बताया।


रेमा गांव पिछले काफी समय से कच्ची शराब के कारोबार के लिए चर्चित रहा है। गांव के कई लोग इस धंधे से जुड़ गए थे। इसी गांव से खरीद कर पी गई शराब से पिछले 14 अक्तूबर को मुगलसराय कोतवाली के नयापर गांव के दो युवकों की मौत हो गई थी। जबकि दो गंभीर रूप से बीमार हो गए थे।


घटना के बाद आबकारी विभाग व पुलिस की टीम ने पिछले 18 अक्तूबर को गांव में छापेमारी कर तीन हजार लीटर कच्ची शराब के साथ पांच हजार कुंतल लहन बरामद किया था।

जिला आबकारी अधिकारी ने भी इसे गांव में सबसे बड़ी छापेमारी माना था। इसके बाद ग्राम प्रधान पति बदेलाल सोनकर ने बुधवार की सुबह सात बजे ग्रामीणों के साथ बैठक की।


इसमें ग्राम प्रधान ने कच्ची शराब के कारोबार के चलते गांव की हो रही बदनामी के बारे में ग्रामीणों को समझाया और इस कारोबार को बंद करने की अपील की।  इस पर गांव के साधु सोनकर, अशोक सोनकर, मुन्ना सोनकर, दिनेश सोनकर, बाबूलाल सोनकर, फूलचंद आदि ने घरों में छिपाकर रखी गई दौ सौ लीटर कच्ची शराब और चार कुंतल लहन को नष्ट कर दिया।
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