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बदलते गए वसूली के पैंतरे
chandauli
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:24 AM IST
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आरएस यादव
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अवैध वसूली में गिरफ्तार निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के काले कारनामों के किस्से एक-एक कर सामने आ रहे हैं। एआरटीओ और उसके गुर्गे ट्रकों से अवैध वसूली के लिए नए-नए पैंतरे आजमाते थे। पहले टोकन से ट्रकों को पास कराया जाता था। लेकिन यह व्यवस्था लोगों की नजर में आने के बाद वसूली के लिए और भी कई तरीके अपनाए जाने लगे। सूत्रों की मानें तो विगत कुछ महीनों से चिन्हित ट्रकों को पास कराने के लिए रात में एक निश्चित समय निर्धारित कर दिया गया था।
निलंबित एआरटीओ आरएस यादव और उसके नजदीकी लोगों से सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। ओवरलोड ट्रकों पर रोक लगाने संबंधी तमाम कवायदों के बाद भी अवैध तरीके से ट्रकों को पास कराने का खेल निर्बाध रूप से जारी रहा।
इसके लिए समय-समय पर तरीकों में बदलाव करना पड़ा। पहले चिन्हित ट्रकों को हाईवे से पास करने के लिए टोकन का सहारा लिया जाता था। लेेकिन धीरे-धीरे यह व्यवस्था लोगों की नजर में आ गई। कुछ सख्त अधिकारियों ने टोकन के साथ कई ट्रकों को पकड़ लिया था। इसके बाद टोकन सिस्टम का चलन कम हो गया।
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दूसरी व्यवस्था के तहत एआरटीओ हाईवे पर एक साथ दर्जनों ट्रकों को पकड़ लेता था, जो ट्रक चालक सुविधा शुल्क देने में आनाकानी करता था उसके विरुद्घ कार्रवाई कर दी जाती थी और जिससे मामला फिट बैठ जाता था उसे धर्म कांटा पर वजन कराने के बहाने छोड़ दिया जाता था। बाद में एआरटीओ के गुर्गे वाहन का कागज चालक को दे देते थे।
लेकिन इधर कई महीनों से ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई थी। रात में चिन्हित ट्रकों को गुजरने के लिए दो से पांच बजे तक का समय निर्धारित कर दिया गया था। इस दौरान एआरटीओ से जुड़े कुछ खास ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ट्रक जनपद की सीमा को पार कर जाते थे।
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निलंबित एआरटीओ आरएस यादव और उसके नजदीकी लोगों से सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। ओवरलोड ट्रकों पर रोक लगाने संबंधी तमाम कवायदों के बाद भी अवैध तरीके से ट्रकों को पास कराने का खेल निर्बाध रूप से जारी रहा।
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इसके लिए समय-समय पर तरीकों में बदलाव करना पड़ा। पहले चिन्हित ट्रकों को हाईवे से पास करने के लिए टोकन का सहारा लिया जाता था। लेेकिन धीरे-धीरे यह व्यवस्था लोगों की नजर में आ गई। कुछ सख्त अधिकारियों ने टोकन के साथ कई ट्रकों को पकड़ लिया था। इसके बाद टोकन सिस्टम का चलन कम हो गया।
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दूसरी व्यवस्था के तहत एआरटीओ हाईवे पर एक साथ दर्जनों ट्रकों को पकड़ लेता था, जो ट्रक चालक सुविधा शुल्क देने में आनाकानी करता था उसके विरुद्घ कार्रवाई कर दी जाती थी और जिससे मामला फिट बैठ जाता था उसे धर्म कांटा पर वजन कराने के बहाने छोड़ दिया जाता था। बाद में एआरटीओ के गुर्गे वाहन का कागज चालक को दे देते थे।
लेकिन इधर कई महीनों से ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई थी। रात में चिन्हित ट्रकों को गुजरने के लिए दो से पांच बजे तक का समय निर्धारित कर दिया गया था। इस दौरान एआरटीओ से जुड़े कुछ खास ट्रांसपोर्ट कंपनियों के ट्रक जनपद की सीमा को पार कर जाते थे।