स्पेशल ट्रेन में सुविधाओं की हकीकत, परोसा बदबूदार खाना और रेल नीर की जगह पाइप से यात्रियों की भरवाई बोतल, प्लेटफार्म पर फेंका
लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों की घर वापसी के लिए चलाए गई स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण खाना और पानी नहीं मिल रहा है। दावे तो बहुत किये जा रहे है मगर हकीकत कुछ हटके है। हाल यह है कि बुधवार को मुंबई से दानापुर जा रही ट्रेन में स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बासी भोजन परोसा गया, वहीं रेल नीर की जगह नल का पानी दिया गया। भोजन के पैकेट से बदबू आ रही थी। इससे नाराज यात्रियों ने प्लेटफार्म पर ही खाना फेंक दिया और हो हल्ला किया।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से देश में लागू लॉकडाउन में प्रवासी विभिन्न स्थानों पर फंस गए। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से प्रवासियों को उनके गृह जनपद पहुंचाया जा रहा है। राज्यों की डिमांड पर चलाई गई ट्रेनों में यात्रा करने वाले प्रवासियों से ट्रेन के किराए के साथ खाना,पानी, और बस का किराया भी वसूला जा रहा है।
आईआरसीटीसी को यात्रियों को खाना उपलब्ध कराना है लेकिन आए दिन श्रमिकों को खाने की समस्या हो रही है। बुधवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन से चलकर दानापुर जा रही ट्रेन दोपहर में ढाई बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या सात पर पहुंची। स्टेशन पर रेल नीर की आपूर्ति नहीं हुई।
ऐसे में प्रवासियों को स्टेशन पर लगे नल से पाइप लगाकर उनकी बोतल भरवाई गई। प्रवासियों को मिले फूड पैकेट में खराब पूड़ी सब्जी मिली। उसमें से बदबू आने पर प्रवासियों ने इसे फेंक दिया और हो हल्ला किया। हालांकि सुरक्षा के इंतजाम की वजह से वह कुछ कह नहीं सके। निर्धारित समय के बाद ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हो गई।
रेल नीर लेकर आने वाला ट्रक रास्ते में फंस गया था। इस वजह से श्रमिकों को पाइप से नल का पानी उपलब्ध कराया गया। श्रमिकों को आईआरसीटीसी की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ट्रेन की टाइमिंग के अनुसार खाना तैयार किया जाता है। ट्रेन लेट होने की वजह से खाना ठंडा हो गया था।
हिमांशु शुक्ला, स्टेशन निदेशक, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन