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मनी रविदास जयंती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 29 Feb 2016 01:37 AM IST
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संत शिरोमणि गुरुरविदास मंदिर नई बस्ती कंकडहिया चंदासी में रविवार केे
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आयोजित संत रविदास जन्मोत्सव समारोह में गीत संगीत की सरिता बही ।
वहीं गोष्ठी में महापुरुष के विचारों का आदान प्रदान हुआ। इस मौके पर आयोजित भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद चखा।
समारोह की शुरुआत शाम चार बजे विचार गोष्ठी के साथ हुई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर दिनेशचंद्र ने कहा कि संत किसी एक एक समाज, धर्म अथवा जाति के नहीं होते।
उनके विचार पूरे समाज के लिए प्रासंगिक होते हैं। संत रविदास के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जन्म के समय। कहा कि उन्होंने समाज मेँ व्याप्त कुरीतियों, जाति बंधन, धर्म बंधनों को तोड़ने और समाज को जोड़ने पर बल दिया था।
पूर्व सीडीओ रामधनी राम ने कहा कि शिक्षा से ही समाज की उन्नति हो सकती है।
संत शिरोमणि के बताए मार्ग पर चलते हुए बाबा साहेब ने संविधान में सभी को समान अधिकार दिलाया। आज भी समाज के लोगों को शिक्षित होने की अधिक आवश्यकता है। शोध छात्र विजय भान ने कहा कि संत रविदास की जन्म शताब्दी तभी सार्थक होगी।
इस मौके पर हुए भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद चखा। इस मौके पर इस मौके पर रामविलास, पंकज कुमार, सुधाकर, अनुपम, नीरज, रवि, अनिल, मुरारी, शैलेन्द्र सुरेश, पवन उर्फ गुड्डू, प्रदीप, आलोक आदि उपस्थित रहे।
वहीं गोष्ठी में महापुरुष के विचारों का आदान प्रदान हुआ। इस मौके पर आयोजित भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद चखा।
समारोह की शुरुआत शाम चार बजे विचार गोष्ठी के साथ हुई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर दिनेशचंद्र ने कहा कि संत किसी एक एक समाज, धर्म अथवा जाति के नहीं होते।
उनके विचार पूरे समाज के लिए प्रासंगिक होते हैं। संत रविदास के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जन्म के समय। कहा कि उन्होंने समाज मेँ व्याप्त कुरीतियों, जाति बंधन, धर्म बंधनों को तोड़ने और समाज को जोड़ने पर बल दिया था।
पूर्व सीडीओ रामधनी राम ने कहा कि शिक्षा से ही समाज की उन्नति हो सकती है।
संत शिरोमणि के बताए मार्ग पर चलते हुए बाबा साहेब ने संविधान में सभी को समान अधिकार दिलाया। आज भी समाज के लोगों को शिक्षित होने की अधिक आवश्यकता है। शोध छात्र विजय भान ने कहा कि संत रविदास की जन्म शताब्दी तभी सार्थक होगी।
इस मौके पर हुए भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद चखा। इस मौके पर इस मौके पर रामविलास, पंकज कुमार, सुधाकर, अनुपम, नीरज, रवि, अनिल, मुरारी, शैलेन्द्र सुरेश, पवन उर्फ गुड्डू, प्रदीप, आलोक आदि उपस्थित रहे।