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डेल्टा रैंकिंग में हुआ सुधार पर समस्याएं बरकरार
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पीडीडीयू नगर। नीति आयोग ने अगस्त 2021 के सर्वे के आधार पर देश के अतिपिछड़े 112 जिलों की डेल्टा रैंकिंग जारी की है। जिसमें चंदौली को नौवां स्थान मिला है। जुलाई में जहां 59.9 स्कोर के साथ जिला 98 वें स्थान पर था वहीं अगस्त 2021 में 61.4 के स्कोर के साथ ओवरआल नौवां स्थान हासिल किया। रैंक में काफी सुधार हुआ है लेकिन अभी भी जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी व्यवस्थाएं बदहाल हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सड़क, पानी और बिजली की है। जनता रोजाना इन समस्याओं से जूझ रही है।
नीति आयोग की ओर से देश के अतिपिछड़े 112 राज्यों का पांच बिंदुओं पर सर्वे किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कौशल विकास और बुनियादी व्यवस्थाओं के आधार पर स्कोर दिया जाता है और इससे रैंक निर्धारित होता है। चंदौली को अगस्त महीने के सर्वे में नौवां स्थान मिला है। जुलाई में जहां 59.9 स्कोर के साथ जिला 98 वें स्थान पर था वहीं अगस्त 2021 में 61.4 के स्कोर के साथ ओवरआल नौवां स्थान हासिल किया। इससे अधिकारियों में खुशी है। लेकिन व्यवस्थाएं उतनी बेहतर नहीं है।
नौगढ़ विकासखंड में अभी कई ऐसे दर्जनों स्कूल हैं जहां अव्यस्था बरकरार है। कई विद्यालयों के भवन नहीं है बच्चे मजबूरी में जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं। वहीं नियामताबाद, चकिया, नौगढ़ विकासखंड के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर अवैध कब्जे हैं। कहीं भूसा रखा गया है तो कहीं उपला। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्र भी तबेले में तब्दील हो चुके हैं। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने लापरवाही के लिए कई बार अधिकारियों को फटकार भी लगाई है पर अभी व्यवस्था सुधरने में समय लगेगा।
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सबसे बड़ी है सड़क और पानी निकासी समस्या
चंदौली। अगस्त 2021 के डेल्टा रैंकिंग में चंदौली का कौशल विकास व वित्तीय समावेशन के मामले में 36.2 फीसद अंक के साथ देश में चौथा स्थान है। मूलभूत सुविधाओं के मामले में 75.2 प्रतिशत अंक के साथ 10वां स्थान है। 65.2 फीसद अंक के साथ शिक्षा में 11वां और 81.7 फीसद अंक के साथ स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 21वां स्थान है। सबसे खराब स्थिति कृषि व सिचाई संसाधनों की है। इसमें 31.1 फीसद अंकों के साथ देश के 117 अतिपिछड़े जिलों में 67वां स्थान है।
कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन भी अन्य विभागों की तरह अच्छा होता तो जिले की रैंकिग और अच्छी होती। जुलाई में जिले का कंपोजिट स्कोर 59.9 फीसद था, लेकिन अगस्त में 61.4 फीसद पहुंच गया। इसकी वजह से इस माह रैंकिग में सुधार हुआ है। जिला दो बार देश में पहले स्थान पर रहा। इसके बदले आयोग ने 10 करोड़ रुपये इनाम भी दिया था।
जिले की लगभग सभी सड़कें बदहाल हो चुुकी हैं। पड़ाव-पीडीडीयू नगर मार्ग, अलीनगर-पंचफेड़वा, सकलडीहा, चहनियां, बरहनी आदि मार्गों की स्थिति काफी खराब है। इनके मरम्मत की योजना है पर अभी तक काम नहीं लग सका है। वहीं जिले के ज्यादातर गांवों में पानी निकासी की बड़ी समस्या है। नियामताबाद के जलीललपुर और सतपोखरी गांव में तो पूरे वर्ष लोग सीवर के बीच रहने को मजबूर हैं।
सीडीओ अजीतेंद्र नारायण ने कहा कि आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देशन और जिलाधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में नीति आयोग के विभिन्न इंडिकेटर्स पर अच्छी प्रगति के फलस्वरूप माह अगस्त 2021 की ओवर ऑल डेल्टा रैंकिंग में जनपद चन्दौली को आकांक्षी जनपदों में पूरे देश मे 9 वां स्थान प्राप्त हुआ है। आगे भी बेहतरी का प्रयास है, आशा है रैंकिंग मे और सुधार होगा।
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नीति आयोग की ओर से देश के अतिपिछड़े 112 राज्यों का पांच बिंदुओं पर सर्वे किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कौशल विकास और बुनियादी व्यवस्थाओं के आधार पर स्कोर दिया जाता है और इससे रैंक निर्धारित होता है। चंदौली को अगस्त महीने के सर्वे में नौवां स्थान मिला है। जुलाई में जहां 59.9 स्कोर के साथ जिला 98 वें स्थान पर था वहीं अगस्त 2021 में 61.4 के स्कोर के साथ ओवरआल नौवां स्थान हासिल किया। इससे अधिकारियों में खुशी है। लेकिन व्यवस्थाएं उतनी बेहतर नहीं है।
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नौगढ़ विकासखंड में अभी कई ऐसे दर्जनों स्कूल हैं जहां अव्यस्था बरकरार है। कई विद्यालयों के भवन नहीं है बच्चे मजबूरी में जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं। वहीं नियामताबाद, चकिया, नौगढ़ विकासखंड के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर अवैध कब्जे हैं। कहीं भूसा रखा गया है तो कहीं उपला। वहीं कई आंगनबाड़ी केंद्र भी तबेले में तब्दील हो चुके हैं। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने लापरवाही के लिए कई बार अधिकारियों को फटकार भी लगाई है पर अभी व्यवस्था सुधरने में समय लगेगा।
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सबसे बड़ी है सड़क और पानी निकासी समस्या
चंदौली। अगस्त 2021 के डेल्टा रैंकिंग में चंदौली का कौशल विकास व वित्तीय समावेशन के मामले में 36.2 फीसद अंक के साथ देश में चौथा स्थान है। मूलभूत सुविधाओं के मामले में 75.2 प्रतिशत अंक के साथ 10वां स्थान है। 65.2 फीसद अंक के साथ शिक्षा में 11वां और 81.7 फीसद अंक के साथ स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 21वां स्थान है। सबसे खराब स्थिति कृषि व सिचाई संसाधनों की है। इसमें 31.1 फीसद अंकों के साथ देश के 117 अतिपिछड़े जिलों में 67वां स्थान है।
कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन भी अन्य विभागों की तरह अच्छा होता तो जिले की रैंकिग और अच्छी होती। जुलाई में जिले का कंपोजिट स्कोर 59.9 फीसद था, लेकिन अगस्त में 61.4 फीसद पहुंच गया। इसकी वजह से इस माह रैंकिग में सुधार हुआ है। जिला दो बार देश में पहले स्थान पर रहा। इसके बदले आयोग ने 10 करोड़ रुपये इनाम भी दिया था।
जिले की लगभग सभी सड़कें बदहाल हो चुुकी हैं। पड़ाव-पीडीडीयू नगर मार्ग, अलीनगर-पंचफेड़वा, सकलडीहा, चहनियां, बरहनी आदि मार्गों की स्थिति काफी खराब है। इनके मरम्मत की योजना है पर अभी तक काम नहीं लग सका है। वहीं जिले के ज्यादातर गांवों में पानी निकासी की बड़ी समस्या है। नियामताबाद के जलीललपुर और सतपोखरी गांव में तो पूरे वर्ष लोग सीवर के बीच रहने को मजबूर हैं।
सीडीओ अजीतेंद्र नारायण ने कहा कि आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देशन और जिलाधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में नीति आयोग के विभिन्न इंडिकेटर्स पर अच्छी प्रगति के फलस्वरूप माह अगस्त 2021 की ओवर ऑल डेल्टा रैंकिंग में जनपद चन्दौली को आकांक्षी जनपदों में पूरे देश मे 9 वां स्थान प्राप्त हुआ है। आगे भी बेहतरी का प्रयास है, आशा है रैंकिंग मे और सुधार होगा।