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संजीव राय को राष्ट्रपति ने दिया परम विशिष्ट सेवा मेडल
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पीडीडीयू नगर। चंदौली के लाल लेफ्टिनेंट जनरल संजीव राय को मंगलवार को सेवा के क्षेत्र में देश का प्रतिष्ठित पुरस्कार परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। श्री राय वर्तमान में राष्ट्रपति के सुरक्षा सलाहकार के रूप में तैनात हैं। इस दौरान उनके पिता सेवानिवृत ब्रिगेडियर जीएल राय और चचेरे भाई चंचल राय मौजूद थे। परिजनों में हर्ष है।
चंदौली के कैली रोड निवासी रिटायर्ड ब्रिगेडियर जीएल राय के बड़े पुत्र 57 वर्षीय संजीव राय 1986 से सेना में हैं। उनका परिवार नोएडा में रहता है। पिता जीएल राय ने बताया कि संजीव ने सेना में तैनाती के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिसकी वजह से उन्हें पहले भी राष्ट्रपति द्वारा सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है। वह 2019 में लद्दाख डिवीजन हेडक्वार्टर के कमांडिंग अफसर थे। गलवान घाटी में चीन और भारतीय सेना की लड़ाई संजीव राय के नेतृत्व में ही हुई थी। उसमें सेना ने चीन को कई किलोमीटर पीछे धकेल दिया था।उसके बाद से संजीव राष्ट्रपति के चं सुरक्षा सलाहकार के रूप में सेवा दे रहे हैं। उनके पिता जीएल राय ने बताया कि सब चन्दौली के उर्वर माटी की देन है। पुत्र को असाधारण सेवा के लिए सर्वोच्च पुरस्कार मिला इससे बढ़कर दूसरी कोई खुशी नहीं हो सकती।
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चंदौली के कैली रोड निवासी रिटायर्ड ब्रिगेडियर जीएल राय के बड़े पुत्र 57 वर्षीय संजीव राय 1986 से सेना में हैं। उनका परिवार नोएडा में रहता है। पिता जीएल राय ने बताया कि संजीव ने सेना में तैनाती के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिसकी वजह से उन्हें पहले भी राष्ट्रपति द्वारा सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है। वह 2019 में लद्दाख डिवीजन हेडक्वार्टर के कमांडिंग अफसर थे। गलवान घाटी में चीन और भारतीय सेना की लड़ाई संजीव राय के नेतृत्व में ही हुई थी। उसमें सेना ने चीन को कई किलोमीटर पीछे धकेल दिया था।उसके बाद से संजीव राष्ट्रपति के चं सुरक्षा सलाहकार के रूप में सेवा दे रहे हैं। उनके पिता जीएल राय ने बताया कि सब चन्दौली के उर्वर माटी की देन है। पुत्र को असाधारण सेवा के लिए सर्वोच्च पुरस्कार मिला इससे बढ़कर दूसरी कोई खुशी नहीं हो सकती।
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