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आर्य समाज मंदिर में हुआ भजन
ब्यूरो चंदौली अमर उजाला
Updated Sat, 27 Dec 2014 01:40 AM IST
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नगर स्थित आर्य समाज मंदिर के 96वां वार्षिक उत्सव के दूसरे और अंतिम दिन
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शुक्रवार को भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान यजमान
राजेंद्र प्रसाद गुप्ता उनकी पत्नी चंद्रवती व अन्य आर्य परिवार के लोगों
ने पंडित नवल किशोर शास्त्री ने यज्ञ में आहुति दी।
तत्पश्चात रेमा से आए सोमेंद्र आर्य ने अपने भजनों की प्रस्तुती की। इस दौरान पंडित नवल किशोर शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में सुख और शांति के सूत्रपात का सर्वोत्तम उपाय शास्त्रों में छुपा है। उन ग्रंथों को पढ़ना, सुनना और सुनाना ही सत्संग है। और जब जीवन के दु:ख का अंत होना ही मुक्ति है।
इस अवसर पर अरुण कुमार आर्य, ओम प्रकाश आर्य, त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, तेज प्रकाश मलिक, तुषार मलिक, यश शंकर मलिक और अनिल सैनी सहित अन्य आर्य परिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन वेद प्रकाश ब्रजवासी ने किया।
तत्पश्चात रेमा से आए सोमेंद्र आर्य ने अपने भजनों की प्रस्तुती की। इस दौरान पंडित नवल किशोर शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में सुख और शांति के सूत्रपात का सर्वोत्तम उपाय शास्त्रों में छुपा है। उन ग्रंथों को पढ़ना, सुनना और सुनाना ही सत्संग है। और जब जीवन के दु:ख का अंत होना ही मुक्ति है।
इस अवसर पर अरुण कुमार आर्य, ओम प्रकाश आर्य, त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, तेज प्रकाश मलिक, तुषार मलिक, यश शंकर मलिक और अनिल सैनी सहित अन्य आर्य परिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन वेद प्रकाश ब्रजवासी ने किया।