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Chandauli News: 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप, 40 से अधिक गांवों की बिजली गुल
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इलिया। दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने इलिया क्षेत्र की जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार वर्षा के चलते कस्बा स्थित विद्युत उपकेंद्र से जुड़े तीनों फीडर ठप हो गए हैं, जिससे 40 से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति पिछले 48 घंटे से पूरी तरह बाधित है।
इलिया,डेहरी, बराव, खिलची, घोडसारी, रोहाखी, बरियारपुर, खखड़ा, कलानी, मंजूई, भुड़कुडा, निचोट कला और आसपास के सभी गांवों में रात से लेकर दिन तक बिजली आपूर्ति ठप रही ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश से पेड़ों के गिरने और तारों के टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हुई, लेकिन विभाग की टीम अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं कर पाई है।
अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बारिश और कीचड़ के कारण मरम्मत कार्य में कठिनाई हो रही है। कई जगहों पर पोल गिर गए हैं और ट्रांसफॉर्मर में फाल्ट आ गया है। टीम को बारिश थमने के बाद ही काम शुरू करने में सुविधा होगी। अगले कुछ घंटों में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
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इलिया। बारिश ने इलिया कस्बा, ढ़ोढ़नपुर, बरियारपुर, वनभीषमपुर, छीत्तमपुर में दर्जनों मकान धराशाई हो गए हैं। कस्बा के गोवर्धन चौहान, कैलाश यादव, अजय राम तथा ढोढ़नपुर गांव के रामअवध मौर्य सहित दर्जनों लोगों के कच्चे मकान बारिश की मार से धराशायी हो गए। जिसके कारण कई परिवार खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं।
लेवा–इलिया मार्ग पर कलानी गांव की सड़क पर पानी का तेज बहाव जारी है। कलानी और समदा पुलिया के पास पेड़ गिर जाने से एम्बुलेंस घंटों फंसी रही। कई संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। टेकारी गांव में हालात सबसे गंभीर हैं। दर्जनों घरों में पानी घुस चुका है। गली से लेकर आंगन तक हर ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। इलिया थाना परिसर, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी समिति और दुर्गावती बालिका इंटर कॉलेज का पूरा परिसर छोटे झील में तब्दील हो गया है। बरांव गांव की सड़कों पर तेज बहाव में पानी बह रहा है। जिसके कारण कंपोजिट विद्यालय लबालब भर गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ गई है।
बुजुर्ग समाजसेवी सोहन राम और वृक्ष बंधु डॉ. परशुराम सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बारिश कभी नहीं देखी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार की बारिश ने 70 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1956 की भीषण बाढ़ के बाद क्षेत्र में इतनी बारिश पहली बार देखने को मिली है।
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इलिया,डेहरी, बराव, खिलची, घोडसारी, रोहाखी, बरियारपुर, खखड़ा, कलानी, मंजूई, भुड़कुडा, निचोट कला और आसपास के सभी गांवों में रात से लेकर दिन तक बिजली आपूर्ति ठप रही ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश से पेड़ों के गिरने और तारों के टूटने के कारण आपूर्ति बाधित हुई, लेकिन विभाग की टीम अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं कर पाई है।
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अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि बारिश और कीचड़ के कारण मरम्मत कार्य में कठिनाई हो रही है। कई जगहों पर पोल गिर गए हैं और ट्रांसफॉर्मर में फाल्ट आ गया है। टीम को बारिश थमने के बाद ही काम शुरू करने में सुविधा होगी। अगले कुछ घंटों में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
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इलिया। बारिश ने इलिया कस्बा, ढ़ोढ़नपुर, बरियारपुर, वनभीषमपुर, छीत्तमपुर में दर्जनों मकान धराशाई हो गए हैं। कस्बा के गोवर्धन चौहान, कैलाश यादव, अजय राम तथा ढोढ़नपुर गांव के रामअवध मौर्य सहित दर्जनों लोगों के कच्चे मकान बारिश की मार से धराशायी हो गए। जिसके कारण कई परिवार खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं।
लेवा–इलिया मार्ग पर कलानी गांव की सड़क पर पानी का तेज बहाव जारी है। कलानी और समदा पुलिया के पास पेड़ गिर जाने से एम्बुलेंस घंटों फंसी रही। कई संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूट गया है। टेकारी गांव में हालात सबसे गंभीर हैं। दर्जनों घरों में पानी घुस चुका है। गली से लेकर आंगन तक हर ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। इलिया थाना परिसर, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी समिति और दुर्गावती बालिका इंटर कॉलेज का पूरा परिसर छोटे झील में तब्दील हो गया है। बरांव गांव की सड़कों पर तेज बहाव में पानी बह रहा है। जिसके कारण कंपोजिट विद्यालय लबालब भर गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ गई है।
बुजुर्ग समाजसेवी सोहन राम और वृक्ष बंधु डॉ. परशुराम सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी बारिश कभी नहीं देखी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार की बारिश ने 70 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1956 की भीषण बाढ़ के बाद क्षेत्र में इतनी बारिश पहली बार देखने को मिली है।