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कर्मियों ने धरने से दिखाई ताकत
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:23 AM IST
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जिलाधिकारी कार्यालय पर पत्रक सौंपने जाते पंचायती राज विभाग के कर्मचारी।
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ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त करने की मांग को लेकर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने शुक्रवार को विकास भवन के समीप धरनास्थल पर धरना दिया। पंचायत राज सेवा परिषद के बैनर तले धरनारत लोगों ने कहा कि प्रदेश में एक भी ऐसा विभाग नहीं है जिसके कार्य व कर्मचारियों पर दूसरे विभाग का नियंत्रण हो।
इस मौके पर डीपीआरओ गोविंद शरण श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत पंचायती राज विभाग को सौंपे कार्यों को ग्राम्य विकास के कर्मचारी व अधिकारी भी करते हैं। उनके ऊपर पंचायती राज विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे दोनों विभाग के मध्य समन्वय जैसी स्थिति दिखाई नहीं देती है। साथ ही अधिकार एक पक्षीय होकर ग्राम्य विकास विभाग के पास है। मांग किया कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर पर पंचायती राज विभाग को ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त कर दोनों विभागों को समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक संवर्ग के आईएएस व पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए। एडीओ पंचायत राजेश सिंह ने कहा कि वर्ष 1999 तक ग्राम्य विकास विभाग के बजट में रहने के बावजूद एडीओ पंचायत का बीडीओ के पद पर पदोन्नति का कोटा 1991 में समाप्त कर दिया गया। ऐसी व्यवस्था करें कि एडीओ पंचायत को स्वतंत्र कार्यालय में पंचायती राज विभाग के नियंत्रण में ही कार्य करें। अंत में अधिकारी व कर्मचारी जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर गुलाब पांडेय, रामनगीना सिंह, रमेश चन्द्र सिंह, अभय सिंह, कैलाशपति सिंह, संजय सिंह, नीरज सिन्हा आदि उपस्थित रहे।
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इस मौके पर डीपीआरओ गोविंद शरण श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत पंचायती राज विभाग को सौंपे कार्यों को ग्राम्य विकास के कर्मचारी व अधिकारी भी करते हैं। उनके ऊपर पंचायती राज विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे दोनों विभाग के मध्य समन्वय जैसी स्थिति दिखाई नहीं देती है। साथ ही अधिकार एक पक्षीय होकर ग्राम्य विकास विभाग के पास है। मांग किया कि ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर पर पंचायती राज विभाग को ग्राम्य विकास विभाग के नियंत्रण से मुक्त कर दोनों विभागों को समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक संवर्ग के आईएएस व पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए। एडीओ पंचायत राजेश सिंह ने कहा कि वर्ष 1999 तक ग्राम्य विकास विभाग के बजट में रहने के बावजूद एडीओ पंचायत का बीडीओ के पद पर पदोन्नति का कोटा 1991 में समाप्त कर दिया गया। ऐसी व्यवस्था करें कि एडीओ पंचायत को स्वतंत्र कार्यालय में पंचायती राज विभाग के नियंत्रण में ही कार्य करें। अंत में अधिकारी व कर्मचारी जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर गुलाब पांडेय, रामनगीना सिंह, रमेश चन्द्र सिंह, अभय सिंह, कैलाशपति सिंह, संजय सिंह, नीरज सिन्हा आदि उपस्थित रहे।
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