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Chandauli News: जिले की हर तहसील और ब्लॉक में बनंेगे स्थायी हेलिपैड
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पीडीडीयू नगर। जनपद में बढ़ते वीआईपी मूवमेंट और आपदा प्रबंधन की जरूरतों को देखते हुए शासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब चंदौली जिले के सभी तहसील व विकासखंड मुख्यालयों पर स्थायी हेलिपैड बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने जिला प्रशासन से भूमि उपलब्धता और तकनीकी उपयुक्तता की विस्तृत कार्ययोजना मांगी है।शासन की मंशा है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अति विशिष्ट अतिथियों के आगमन के दौरान अस्थायी हेलिपैड तैयार करने की आवश्यकता न पड़े। साथ ही आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी हेलीकॉप्टर सेवाओं का त्वरित उपयोग हो सके। चंदौली में कुल पांच तहसील और नौ विकासखंड हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुसार तहसील प्रशासन को ऐसी भूमि चिह्नित करनी होगी, जो तकनीकी रूप से उपयुक्त, विवाद-मुक्त और मुख्यालय के निकट हो। स्थायी हेलिपैड निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपी गई है, जबकि भूमि चिह्नांकन में राजस्व विभाग सक्रिय रूप से जुटा है।
डीएम ने भूमि चयन के लिए दिए निर्देश
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अलर्ट मोड में रहकर उपयुक्त भूमि का चयन करें। भूमि उपलब्ध होते ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। यह योजना न केवल वीआईपी दौरों को सुगम बनाएगी, बल्कि बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति देगी। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चंदौली जिले में हेलीपैड बनने से देशी-विदेशी पर्यटकों और निवेशकों के आवागमन में भी सुविधा मिलेगी।
6-7 लाख होंगे एक हेलिपैड बनाने में खर्च
शासन द्वारा एक अस्थायी हेलिपैड पर 6 से 7 लाख रुपये खर्च का अनुमान जताया गया है, जबकि पूर्ण तकनीकी मानकों के अनुरूप पक्के हेलीपैड के निर्माण पर लगभग 25 से 30 लाख रुपये तक लागत आने की संभावना है। प्रस्तावित हेलिपैड का आउटर सर्कल 40×40 मीटर और इनर सर्कल 20×20 मीटर का होगा, जिस पर ऊपर से स्पष्ट दिखाई देने वाला ‘एच’ चिह्न अनिवार्य रूप से अंकित रहेगा।
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शासन के निर्देशों के अनुरूप तकनीकी मानकों पर आधारित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। चयनित स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। हेलिपैड निर्माण में मजबूत कंक्रीट सतह, स्टील सुदृढ़ीकरण, स्पष्ट ‘एच’ मार्किंग, नाइट लैंडिंग के लिए लाइटिंग और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य रूप से शामिल होगी। - कृष्ण कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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डीएम ने भूमि चयन के लिए दिए निर्देश
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अलर्ट मोड में रहकर उपयुक्त भूमि का चयन करें। भूमि उपलब्ध होते ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। यह योजना न केवल वीआईपी दौरों को सुगम बनाएगी, बल्कि बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति देगी। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण चंदौली जिले में हेलीपैड बनने से देशी-विदेशी पर्यटकों और निवेशकों के आवागमन में भी सुविधा मिलेगी।
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6-7 लाख होंगे एक हेलिपैड बनाने में खर्च
शासन द्वारा एक अस्थायी हेलिपैड पर 6 से 7 लाख रुपये खर्च का अनुमान जताया गया है, जबकि पूर्ण तकनीकी मानकों के अनुरूप पक्के हेलीपैड के निर्माण पर लगभग 25 से 30 लाख रुपये तक लागत आने की संभावना है। प्रस्तावित हेलिपैड का आउटर सर्कल 40×40 मीटर और इनर सर्कल 20×20 मीटर का होगा, जिस पर ऊपर से स्पष्ट दिखाई देने वाला ‘एच’ चिह्न अनिवार्य रूप से अंकित रहेगा।
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शासन के निर्देशों के अनुरूप तकनीकी मानकों पर आधारित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। चयनित स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। हेलिपैड निर्माण में मजबूत कंक्रीट सतह, स्टील सुदृढ़ीकरण, स्पष्ट ‘एच’ मार्किंग, नाइट लैंडिंग के लिए लाइटिंग और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य रूप से शामिल होगी। - कृष्ण कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग