चंदौली में नए लक्ष्यों को डीएम की मंजूरी: ड्रिप-स्प्रिंकलर से सिंचाई को बढ़ावा, मखाना और निर्यात पर जोर
चंदौली जिले में ड्रिप-स्प्रिंकलर से सिंचाई को बढ़ावा देने, मखाना और निर्यात पर जोर देने के निर्देश दिए गए। वहीं डीएम ने उद्यान एवं कृषि योजनाओं की समीक्षा कर नए लक्ष्यों को मंजूरी दी।
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चंदौली में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों को मंजूरी देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने पिछले वित्तीय वर्ष में एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना और माइक्रो इरिगेशन के तहत कराए गए कार्यों और वित्तीय प्रगति की जानकारी दी। डीएम ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।
मखाना और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
जिले में मखाना विकास योजना और उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिकी निर्यात प्रोत्साहन योजना 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
आलू उत्पादक किसानों को लागत के अनुरूप उचित मूल्य दिलाने और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को आलू किसानों को योजना का व्यापक लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
पीएमएफएमई योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी इकाइयों के प्रस्तावों को जल्द स्वीकृत कर पात्र लोगों को लाभान्वित करने को कहा। योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के साथ प्रशासनिक मद से वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे, उप निदेशक कृषि भीमसेन सहित उद्योग विभाग के अधिकारी और संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।