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Chandauli News: गर्मी का पारा चढ़ते ही हीट स्ट्रोक और डायरिया की चपेट में आने लगे लोग
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चंदौली। जिले में तीखी धूप और गर्मी की चपेट में आकर लोग हीट स्ट्रोक और डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। तापमान 38 डिग्री को पार कर गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय रोजाना 200 बच्चे इलाज कराने आ रहे हैं। जबकि आम दिनों में इनकी संख्या मात्र 50 के आसपास रहती थी।
पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार के पार हो गई है। ओपीडी में पहले लगभग पचास बच्चे आ रहे थे लेकिन दो दिनों से सौ से अधिक बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। यहां आने वाले में ज्यादातर बच्चे बुखार, हीट स्ट्रोक, डायरिया सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के ईएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गर्मी का जितना असर बड़ों पर होता है, उससे कहीं ज्यादा बच्चों पर गर्मी कहर ढाती है। सुबह स्कूल जाते समय, स्कूल में प्रार्थना करते हुए, ग्राउंड में खेलते हुए और फिर घर आते हुए कड़ी धूप बच्चों को अपनी चपेट में ले लेती है। इसके चलते बच्चों को लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए उन्हें गर्मियों में स्कूल भेजते समय ऐसे फूड देने चाहिए जो उनकी फुर्ती बनाए रखे, उन्हें पोषण दे और शरीर में पानी की कमी न होने दें। इससे लू लगने की संभावना क्षींण हो जाती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि गर्मी में बच्चों पर विशेष सावधानी देने की जरूरत है। हमेशा मोटा कपड़ा से शरीर को ढक कर रखें और किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सक की सलाह ले और उसका उपचार करें। गर्मी की वजह से बच्चों को लू और डायरिया सहित अन्य बीमारी हो सकती है।
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पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार के पार हो गई है। ओपीडी में पहले लगभग पचास बच्चे आ रहे थे लेकिन दो दिनों से सौ से अधिक बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। यहां आने वाले में ज्यादातर बच्चे बुखार, हीट स्ट्रोक, डायरिया सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय के ईएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि गर्मी का जितना असर बड़ों पर होता है, उससे कहीं ज्यादा बच्चों पर गर्मी कहर ढाती है। सुबह स्कूल जाते समय, स्कूल में प्रार्थना करते हुए, ग्राउंड में खेलते हुए और फिर घर आते हुए कड़ी धूप बच्चों को अपनी चपेट में ले लेती है। इसके चलते बच्चों को लू लगने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए उन्हें गर्मियों में स्कूल भेजते समय ऐसे फूड देने चाहिए जो उनकी फुर्ती बनाए रखे, उन्हें पोषण दे और शरीर में पानी की कमी न होने दें। इससे लू लगने की संभावना क्षींण हो जाती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनोज कुमार ने बताया कि गर्मी में बच्चों पर विशेष सावधानी देने की जरूरत है। हमेशा मोटा कपड़ा से शरीर को ढक कर रखें और किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सक की सलाह ले और उसका उपचार करें। गर्मी की वजह से बच्चों को लू और डायरिया सहित अन्य बीमारी हो सकती है।