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वर्षों बाद लौटा तोता बना कौतूहल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 19 Feb 2016 01:43 AM IST
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चंदासी कोयला मंडी के कोल व्यापारी कृपाशंकर यादव के पाले गए एक तोते के
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तेरह वर्ष बाद घर वापसी लोगों के बीच कौतूहल बना हुआ है। तोता प्रतिदिन
सुबह व्यवसायी के घर पहुंच जाता है और शाम को अन्य तोतों के साथ उड़ जाता
है।
कोयला व्यापारी कृपाशंकर यादव फत्तेपुर चंदौली में रहते हैं। कृपाशंकर के मुताबिक वर्ष 2001 में उन्होंने एक तोते का बच्चा खरीदा था। वह पूरे परिवार के संग पूरी तरह घुल मिल गया था। तब उसे पिंजरा खोल कर खुले आसमान में भी छोड़ दिया जाता तो वह दिन भर घूम फिर कर शाम को वापस लौट आता था।
वर्ष 2003 में फरवरी में ही तेज आंधी आयी और उस दिन तोता वापस नहीं लौटा। बाद में हम लोगों ने पुराने मकान को छोड़ दिया और सड़क के किनारे मकान बनाकर रहने लगे।
तीन माह पूर्व अचानक एक तोता आकर उनके कंधे पर बैठ गया। दिन भर घर में रहने के बाद शाम को उड़ गया। दूसरे दिन फिर सुबह वह आया और शाम को जाने लगा तो उन्होंने उसे पिंजरे में बंद कर दिया, लेकिन पूरी रात वह शोर मचाता रहा। इसके बाद सुबह छोड़ दिया गया। इसके बाद से तोता दिन भर पूरे परिवार के साथ रहता है। शाम को उड़ जाता है।
कृपाशंकर की पत्नी पार्वती, बेटी अंजू, भाई सुमित, अमित, सुमित की पत्नी सरिता, बेटी नेहा सभी तोते से बेहद प्यार करते हैं।
कोयला व्यापारी कृपाशंकर यादव फत्तेपुर चंदौली में रहते हैं। कृपाशंकर के मुताबिक वर्ष 2001 में उन्होंने एक तोते का बच्चा खरीदा था। वह पूरे परिवार के संग पूरी तरह घुल मिल गया था। तब उसे पिंजरा खोल कर खुले आसमान में भी छोड़ दिया जाता तो वह दिन भर घूम फिर कर शाम को वापस लौट आता था।
वर्ष 2003 में फरवरी में ही तेज आंधी आयी और उस दिन तोता वापस नहीं लौटा। बाद में हम लोगों ने पुराने मकान को छोड़ दिया और सड़क के किनारे मकान बनाकर रहने लगे।
तीन माह पूर्व अचानक एक तोता आकर उनके कंधे पर बैठ गया। दिन भर घर में रहने के बाद शाम को उड़ गया। दूसरे दिन फिर सुबह वह आया और शाम को जाने लगा तो उन्होंने उसे पिंजरे में बंद कर दिया, लेकिन पूरी रात वह शोर मचाता रहा। इसके बाद सुबह छोड़ दिया गया। इसके बाद से तोता दिन भर पूरे परिवार के साथ रहता है। शाम को उड़ जाता है।
कृपाशंकर की पत्नी पार्वती, बेटी अंजू, भाई सुमित, अमित, सुमित की पत्नी सरिता, बेटी नेहा सभी तोते से बेहद प्यार करते हैं।