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खरीद के दो महीने बाद भी नहीं हुआ धान का भुगतान, किसान परेशान
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पीडीडीयू नगर। चंदौली में धान खरीद बंद हुए दो महीने बीत चुके हैं इसके बावजूद भी अभी तक 600 किसानों का भुगतान नहीं हो सका है। जबकि धान खरीद के समय शासन और प्रशासन का दावा था कि खरीद के 24 घंटे में भुगतान हो जाएगा। आलम यह है कि कई किसान कर्ज लेकर अपना जीवन यापन करने पर मजबूर हैं तो कई विभागों और बैंकों के चक्कर लगा लगाकर थक चुके हैं। अभी भी उन्हें यह पता नहीं कि उनका भुगतान कब होगा। विभाग का कहना है कि किसानों के अकाउंट में आधार वेरिफिकेशन न होने से ऐसा हुआ है जबकि किसानों का कहना है कि उनका सबकुछ सही है, जान बूझकर भुगतान नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि धान खरीद के भुगतान का इंतजार करते-करते गेहं खरीद होने लगी है। ऐसे में गेहूं खरीद के प्रति रूचि न होने का एक कारण धान का भुगतान न होना भी बताया जा रहा है। किसानों को डर है कि कहीं इसका भुगतान लटक गया तो क्या करेंगे, ऐसे में खबर है कि कई किसान व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं।
कागजों के मकड़जाल में फंसा भुगतान
कंदवा। गांव के अच्युतानंद त्रिपाठी ने तेल्हरा में खुले धान क्रय केंद्र पर 21 दिसम्बर, 28 दिसम्बर 2021 और 12 जनवरी 2022 को कुल 254 कुंतल धान बेचा था। लेकिन आज तक उनके धान के 4 लाख 92 हजार 760 रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। अच्युतानंद त्रिपाठी ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं पर सुनवाई नहीं हो रही है।नियमों और कागजों के मकड़जाल में फंसाया जा रहा है। एक कागज ठीक कराने पर दूसरा, दूसरा ठीक कराने पर तीसरा मांगते हैं।
पांच किलो कटौती के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
नियामताबाद। क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी लवकुश तिवारी अपना धान बौरी गांव के पीसीयू केन्द्र पर दिसम्बर 2021 में बेचे थे। अभी तक इनके 34 कुन्तल धान का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि खरीद में पांच किलो कटौती भी की गई। बार-बार आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। महंगाई में परिवार चलाना मुश्किल हो चुका है।कर्ज लेकर काम चला रहे हैं।
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गृहस्थी चलाना हुआ मुश्किल
कंदवा। अदसड़ गांव के मुन्नी ने गांव में ही खुले धान क्रय केंद्र पर 60 कुंतल धान 11 जनवरी 2022 को बेचा था।उनके धान की कीमत 1 लाख 16 हजार 400 रुपया आंकी गई थी। लेकिन धान खरीद के तीन महीने बाद भी उनका भुगतान नहीं हो सका है। मुन्नी ने बताया कि परिवार के जीविका का एकमात्र सहारा फसल ही है। पूरे वर्ष की मेहनत के बाद फसल हुई पर उसका पैसा अभी तक नहीं मिला। गृहस्थी चलाना मुश्किल हो रहा है।
चार महीने से लगा रहे विभाग का चक्कर
कंदवा। बरहनी ब्लॉक के डैना गांव के बुद्धन राय ने 7 दिसम्बर 2021 को भतीजा में खुले यूपी एसएस के क्रय केंद्र पर 208 कुंतल धान बेंचा था। लेकिन आज तक उनका 4 लाख 3 हजार 520 रुपए का भुगतान नहीं हो सका है। विभाग का दौड़ लगाते लगाते वे थक चुके हैं। अदसड़ गांव के अशोक सिंह ने गांव में खुले पीसीयू के क्रय केंद्र पर 18 जनवरी 2022 को 20 कुंतल धान बेंचा था लेकिन उनका भी 38 हजार 800 रुपए का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है।
जिला विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में छह सौ ऐसे किसान हैं जिनके धान खरीद का भुगतान उनकी तकनीकी दिक्कतों की वजह से नहीं हो पाई है। ऐसे किसान जिनका अकाउंट, एनपीसीआई से आधार वेरिफाई नहीं हो सका है। उनका भुगतान रुका है। वे जैसे ही बैंक से इसे वेरिफाई करा लेंगे, 10 दिनों के अंदर उनका भुगतान हो जाएगा।
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कागजों के मकड़जाल में फंसा भुगतान
कंदवा। गांव के अच्युतानंद त्रिपाठी ने तेल्हरा में खुले धान क्रय केंद्र पर 21 दिसम्बर, 28 दिसम्बर 2021 और 12 जनवरी 2022 को कुल 254 कुंतल धान बेचा था। लेकिन आज तक उनके धान के 4 लाख 92 हजार 760 रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। अच्युतानंद त्रिपाठी ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं पर सुनवाई नहीं हो रही है।नियमों और कागजों के मकड़जाल में फंसाया जा रहा है। एक कागज ठीक कराने पर दूसरा, दूसरा ठीक कराने पर तीसरा मांगते हैं।
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पांच किलो कटौती के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
नियामताबाद। क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी लवकुश तिवारी अपना धान बौरी गांव के पीसीयू केन्द्र पर दिसम्बर 2021 में बेचे थे। अभी तक इनके 34 कुन्तल धान का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि खरीद में पांच किलो कटौती भी की गई। बार-बार आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। महंगाई में परिवार चलाना मुश्किल हो चुका है।कर्ज लेकर काम चला रहे हैं।
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गृहस्थी चलाना हुआ मुश्किल
कंदवा। अदसड़ गांव के मुन्नी ने गांव में ही खुले धान क्रय केंद्र पर 60 कुंतल धान 11 जनवरी 2022 को बेचा था।उनके धान की कीमत 1 लाख 16 हजार 400 रुपया आंकी गई थी। लेकिन धान खरीद के तीन महीने बाद भी उनका भुगतान नहीं हो सका है। मुन्नी ने बताया कि परिवार के जीविका का एकमात्र सहारा फसल ही है। पूरे वर्ष की मेहनत के बाद फसल हुई पर उसका पैसा अभी तक नहीं मिला। गृहस्थी चलाना मुश्किल हो रहा है।
चार महीने से लगा रहे विभाग का चक्कर
कंदवा। बरहनी ब्लॉक के डैना गांव के बुद्धन राय ने 7 दिसम्बर 2021 को भतीजा में खुले यूपी एसएस के क्रय केंद्र पर 208 कुंतल धान बेंचा था। लेकिन आज तक उनका 4 लाख 3 हजार 520 रुपए का भुगतान नहीं हो सका है। विभाग का दौड़ लगाते लगाते वे थक चुके हैं। अदसड़ गांव के अशोक सिंह ने गांव में खुले पीसीयू के क्रय केंद्र पर 18 जनवरी 2022 को 20 कुंतल धान बेंचा था लेकिन उनका भी 38 हजार 800 रुपए का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है।
जिला विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में छह सौ ऐसे किसान हैं जिनके धान खरीद का भुगतान उनकी तकनीकी दिक्कतों की वजह से नहीं हो पाई है। ऐसे किसान जिनका अकाउंट, एनपीसीआई से आधार वेरिफाई नहीं हो सका है। उनका भुगतान रुका है। वे जैसे ही बैंक से इसे वेरिफाई करा लेंगे, 10 दिनों के अंदर उनका भुगतान हो जाएगा।