{"_id":"6576032491e3fe6e0302657c","slug":"only-40-percent-work-of-replacing-wires-and-poles-was-done-in-eight-months-chandauli-news-c-189-1-svns1010-7071-2023-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: आठ माह में तारों व खंभों को बदलने का मात्र 40 प्रतिशत ही हुआ काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: आठ माह में तारों व खंभों को बदलने का मात्र 40 प्रतिशत ही हुआ काम
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। जिले में बिजली के जर्जर तारों और खंभों को बदलने का काम पिछले आठ माह से चल रहा है। करीब दस करोड़ की लागत से चल रहे काम के तहत कार्यदाई संस्था मोंटी एंड कार्लो को वर्ष के अंत तक जर्जर एलटी तारों को बदलकर हाई टेंशन तारों को बदलने का काम शुरू करना था लेकिन अब तक एलटी तारों को ही नहीं बदला जा सका है। बिजली विभाग और कार्यदाई संस्था की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है।
विगत फरवरी माह में विभाग ने करीब 10 करोड़ रुपये प्रस्ताव शासन को भेजा था। मार्च माह में शासन से मंजूरी मिलने व बजट आवंटित होने के बाद कार्यदाई संस्था ने कार्य आरंभ तो कर दिया लेकिन धीमी गति के कारण अब तक मात्र 40 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। जनपद के नगरीय व ग्रामीण दोनों इलाकों में कई स्थानों पर आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली के हाई व लो टेंशन तार दौड़ रहे हैं। ये तार इतने जर्जर हो चुके हैं कि हल्की हवा चलने पर ही टूट जाते हैं। इससे बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है। गर्मी के दिन में परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। तारों को बदलने का काम धीमी गति से चलने के कारण समस्या व खतरा दोनों बरकरार हैं।
इनसेट.....
मजदूरों का न मिलना काम की धीमी गति का मुख्य कारण
कार्यदाई संस्था के इंजीनियर कृष्णपाल सिंह ने बताया कि मजदूरों के न मिलने के कारण काम की गति तेजी नहीं पकड़ पा रही है। पश्चिम बंगाल से मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा है। कुछ दिन काम करने के बाद ये मजदूर वापस लौट जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी मजदूरों की तलाश की जा रही है लेकिन कम संख्या में ही मजदूर मिल पा रहे हैं। मजदूरों की समस्या का समाधान करने के उपाय किए जा रहे हैं। आगामी मार्च माह तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
विज्ञापन
बिजली मंत्रालय के निर्देश पर बिजली के जर्जर तारों व खंभों को बदलने की कार्ययोजना भेजी गई थी। शासन से मंजूरी मिलने व धन आवंटित होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कार्य आरंभ करा दिया गया है। कार्यदाई संस्था को तय समय सीमा तक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। ओमप्रकाश, अधीक्षण अभियंता।
विज्ञापन
विगत फरवरी माह में विभाग ने करीब 10 करोड़ रुपये प्रस्ताव शासन को भेजा था। मार्च माह में शासन से मंजूरी मिलने व बजट आवंटित होने के बाद कार्यदाई संस्था ने कार्य आरंभ तो कर दिया लेकिन धीमी गति के कारण अब तक मात्र 40 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। जनपद के नगरीय व ग्रामीण दोनों इलाकों में कई स्थानों पर आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली के हाई व लो टेंशन तार दौड़ रहे हैं। ये तार इतने जर्जर हो चुके हैं कि हल्की हवा चलने पर ही टूट जाते हैं। इससे बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है। गर्मी के दिन में परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। तारों को बदलने का काम धीमी गति से चलने के कारण समस्या व खतरा दोनों बरकरार हैं।
विज्ञापन
इनसेट.....
मजदूरों का न मिलना काम की धीमी गति का मुख्य कारण
कार्यदाई संस्था के इंजीनियर कृष्णपाल सिंह ने बताया कि मजदूरों के न मिलने के कारण काम की गति तेजी नहीं पकड़ पा रही है। पश्चिम बंगाल से मजदूर बुलाकर काम कराया जा रहा है। कुछ दिन काम करने के बाद ये मजदूर वापस लौट जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी मजदूरों की तलाश की जा रही है लेकिन कम संख्या में ही मजदूर मिल पा रहे हैं। मजदूरों की समस्या का समाधान करने के उपाय किए जा रहे हैं। आगामी मार्च माह तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
विज्ञापन
बिजली मंत्रालय के निर्देश पर बिजली के जर्जर तारों व खंभों को बदलने की कार्ययोजना भेजी गई थी। शासन से मंजूरी मिलने व धन आवंटित होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कार्य आरंभ करा दिया गया है। कार्यदाई संस्था को तय समय सीमा तक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। ओमप्रकाश, अधीक्षण अभियंता।