{"_id":"69065d5fc5872ac338039edc","slug":"on-prabodhini-ekadashi-devotees-took-a-holy-dip-in-the-ganga-and-donated-money-chandauli-news-c-189-1-svns1010-138559-2025-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: प्रबोधिनी एकादशी पर गंगा में भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, किया दान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: प्रबोधिनी एकादशी पर गंगा में भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी, किया दान
विज्ञापन
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रबोधिनी एकादशी पर शनिवार को पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट सहित विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु स्नान-पूजन के लिए पहुंच गए थे। घाटों पर मेले जैसा माहौल नजर आया। लोगों ने गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां तुलसी की पूजा-अर्चना की।
भिक्षुओं व याचकों को दान दिया। महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगांवां, सैफपुर, नादी-निधौरा सहित समस्त गंगा तटीय गांवों के घाटों पर भी भीड़ रही। घाटों पर पुलिस टीम तैनात रही।
विधि विधान से शालिग्राम और तुलसी का हुआ विवाह : पीडीडीयू नगर। जिले में शनिवार को देवउठनी एकादशी धूम धाम से मनाई गई। शाम के वक्त भद्रा होने के कारण कुछ लोग रविवार को एकादशी व्रत रखने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
व्रतियों ने स्नान ध्यान के बाद घर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की और तुलसी का विवाह किया।
इसके साथ ही चार माह से रुके वैवाहिक कार्य शुरू हो गए। वहीं प्रसाद स्वरूप गन्ने का स्वाद लिया। मान्यता है कि आषाढ़ माह की एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। ऐसे में वैवाहिक कार्य आदि रुक जाते हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी देवोत्थान एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा को त्यागते हैं। इसको लेकर घरों में पहले से तैयारी की गई थी।
महिलाओं और पुरुषों से एकादशी का व्रत रखा। इसके बाद शाम के वक्त भगवान विष्णु और तुलसी का विवाह किया। इसके पूर्व गन्ने का मंडप सजाया।
भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को गन्ना, कंद, पानी फल सिंघाड़ा, नए गुड़ का भोग लगाया। विधि विधान से पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण् किया। नगर के काली महाल, चकिया तिराहा, बाईपास, दामोदरदास पोखरा पर गन्ना का मेला लगा।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस बार गन्ना 40 रुपये से सौ रुपये जोड़ा बिका।
विज्ञापन
घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु स्नान-पूजन के लिए पहुंच गए थे। घाटों पर मेले जैसा माहौल नजर आया। लोगों ने गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां तुलसी की पूजा-अर्चना की।
भिक्षुओं व याचकों को दान दिया। महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगांवां, सैफपुर, नादी-निधौरा सहित समस्त गंगा तटीय गांवों के घाटों पर भी भीड़ रही। घाटों पर पुलिस टीम तैनात रही।
विज्ञापन
विधि विधान से शालिग्राम और तुलसी का हुआ विवाह : पीडीडीयू नगर। जिले में शनिवार को देवउठनी एकादशी धूम धाम से मनाई गई। शाम के वक्त भद्रा होने के कारण कुछ लोग रविवार को एकादशी व्रत रखने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
व्रतियों ने स्नान ध्यान के बाद घर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की और तुलसी का विवाह किया।
इसके साथ ही चार माह से रुके वैवाहिक कार्य शुरू हो गए। वहीं प्रसाद स्वरूप गन्ने का स्वाद लिया। मान्यता है कि आषाढ़ माह की एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। ऐसे में वैवाहिक कार्य आदि रुक जाते हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी देवोत्थान एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा को त्यागते हैं। इसको लेकर घरों में पहले से तैयारी की गई थी।
महिलाओं और पुरुषों से एकादशी का व्रत रखा। इसके बाद शाम के वक्त भगवान विष्णु और तुलसी का विवाह किया। इसके पूर्व गन्ने का मंडप सजाया।
भगवान विष्णु माता लक्ष्मी को गन्ना, कंद, पानी फल सिंघाड़ा, नए गुड़ का भोग लगाया। विधि विधान से पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण् किया। नगर के काली महाल, चकिया तिराहा, बाईपास, दामोदरदास पोखरा पर गन्ना का मेला लगा।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस बार गन्ना 40 रुपये से सौ रुपये जोड़ा बिका।