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अब शिक्षकों को देनी होगी कुटुंब रजिस्टर की नकल

Sat, 11 Jul 2020 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 12:09 AM IST
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Now teachers will have to give copy of family register
चंदौली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी तरीके से संविदा पर नौकरी करने के मामले में अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। अब जिले के सभी कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं को कुटुंब रजिस्टर की नकल के साथ पैन कार्ड, आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्रों की स्वहस्ताक्षरित फोटो कापी जमा करनी है। शुक्रवार को कुछ शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में इसे जमा भी किया। इस दौरान वहां काफी भीड़ लगी रही।
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शिक्षा विभाग ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी तैैयारी कर ली है। उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ वेतन में रूप में किए गए भुगतान की रिकवरी की जा सके।बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 5100 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। जबकि 1500 से अधिक शिक्षामित्र और तकरीबन 550 संविदा पर अध्यापक कार्यरत हैं। सभी का शैक्षिक प्रमाणपत्रों के अलावा कुटुंब रजिस्टर की नकल, पैन कार्ड, आधार कार्ड की स्वहस्ताक्षरित दो-दो प्रति कार्यालय में जमा करना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही सभी कागजात वहीं जमा होंगे जो नौकरी ज्वाइन करते समय जमा किए गए हैं। इसमें अंतर पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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चंदौली। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन करा रहा है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 68 हजार शिक्षक भर्ती में नौकरी पाने वाले शिक्षकों को उनके शैक्षणिक दस्तावेज के साथ तलब किया। ऐसे में दोपहर तक बीएसए कार्यालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में शिक्षक अपने मूल शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ जमा हुए तो विभागीय कर्मियों के कान खड़े हो गए। विभाग ने मात्र 15 शिक्षकों के दस्तावेज की जांच के लिए अंदर बुलाया। शेष को कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए तीन दिवसीय लाकडाउन के बाद कार्यालय पर उपस्थित होने की बात कही। इससे शिक्षकों को मायूस होकर बीएसए कार्यालय से लौटना पड़ा। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यापन के लिए 15 शिक्षकों को कार्यालय में बुलाया गया। अन्य लोगों को आगामी सूचना के अनुसार आने को कहा गया है।
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