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महिलाओं से किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं : सुनीता
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चंदौली स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में फरियाद सुनती उप्र महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्त
चंदौली। राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, चंदौली में महिला जनसुनवाई हुई।
कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। जनसुनवाई में पॉक्सो एक्ट, लैंगिक असमानता, भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न और दहेज हिंसा से संबंधित मामलों में पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं ने प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किए।
सुनीता ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही प्रार्थनापत्र एवं मोबाइल के माध्यम से त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर से कठोर दंड देने का प्रावधान है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अत्याचार को छिपाएं नहीं, बल्कि मजबूती से उसका सामना करें और कानून की मदद लें।
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जनसुनवाई में कुछ मामलों में दूसरे पक्ष को अगले दिन सुबह नौ बजे तक पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इस जनसुनवाई में कुल लगभग 12 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और आयोग को प्रगति से अवगत कराया जाए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाई.के. राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर देवेंद्र मौर्य, बाल संरक्षण अधिकारी किशन वर्मा, राजेश सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई। जनसुनवाई में पॉक्सो एक्ट, लैंगिक असमानता, भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न और दहेज हिंसा से संबंधित मामलों में पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं ने प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किए।
सुनीता ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही प्रार्थनापत्र एवं मोबाइल के माध्यम से त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर से कठोर दंड देने का प्रावधान है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अत्याचार को छिपाएं नहीं, बल्कि मजबूती से उसका सामना करें और कानून की मदद लें।
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जनसुनवाई में कुछ मामलों में दूसरे पक्ष को अगले दिन सुबह नौ बजे तक पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इस जनसुनवाई में कुल लगभग 12 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और आयोग को प्रगति से अवगत कराया जाए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाई.के. राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर देवेंद्र मौर्य, बाल संरक्षण अधिकारी किशन वर्मा, राजेश सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।