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आचार संहिता लगने के बाद मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल रहा काम
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प्लान की खबर
आचार संहिता लगने के बाद मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल रहा काम
- घर चलाना हुआ मुश्किल, अधिकारियों का काम पूरा होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-85
पीडीडीयू नगर। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। वहीं विधानसभा चुनाव को लेकर लगे आचार संहिता के बाद मनरेगा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। इससे उनके लिए परिवार का खर्च चला पाना मुश्किल हो गया है। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है। तमाम गांवों में अभी मनरेगा के तहत जितने लोगों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का आधा लक्ष्य भी पूरा नहीं किया जा सका है जबकि मनरेगा के तहत काम कराने के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जब गांव की सरकार का नया गठन हुआ तो काम में भी तेजी आई थी। योजना के तहत करीब सभी ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया था पर विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के बाद काम मिलना काफी कम हो गया है। वहीं कुछ ब्लॉक के अधिकारियों का दावा है कि आचार संहिता की घोषणा होने से पहले ही उन्होंने लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। चुनाव के बाद नए सिरे से काम का आवंटन किया जाएगा।
इनसेट.........
दो लाख से अधिक है जॉब कार्डधारकों की संख्या
पीडीडीयू नगर। जिले में मनरेगा योजना के तहत जॉबकार्ड बनवाने वाले श्रमिकों की संख्या दो लाख 16 हजार 475 है। इसमें से एक लाख 28 हजार 80 मजदूर ऐसे हैं जो सक्रिय हैं। मनरेगा सेल के अनुसार जिले के 734 ग्राम पंचायतों में से 668 में काम कराया गया है। इससे 37 हजार 539 लोगों को काम मिला है।
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इनसेट........
चकिया और शिकारगंज में दो माह से बंद है कार्य
चकिया/ शिकारगंज। स्थानीय विकास खंड के 89 ग्राम पंचायत में लगभग 50 हजार मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 32 हजार मनरेगा मजदूर रनिंग के तौर पर कार्यरत हैं जिनका लगभग दो माह से काम ठप है। ग्राम प्रधानों की माने तो आदर्श आचार संहिता के पूर्व चल रहे कार्यों के बाद नए आईडी देने के लिए विभाग के तरफ से कोई हरी झंडी नहीं मिली है। इससे ग्राम पंचायत के मनरेगा मजदूरों को काम देने में दिक्कत हो रही है।
जानकारी के अनुसार 60-40 का काम देने का मानक निर्धारित है। चुनाव की समाप्ति के बाद 21 दिन ही बचेगा। इस अंतराल में अगर नई आईडी जनरेट नहीं की गई तो निर्धारित मानक के अनुसार मजदूरों को कार्य देना संभव नहीं है। हेतिमपुर के ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि खंड विकास कार्यालय के अधिकारी द्वारा मनरेगा के लिए नई आईडी उपलब्ध नहीं होने से मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिल पाया है। प्रधान संघ के अध्यक्ष रामलाल यादव ने बताया कि मनरेगा कार्य के लिए आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर विभागीय अधिकारी आईडी नहीं मिलने की विवशता बता रहे हैं।
नई आईडी बंद होने से नहीं मिल रहा कार्य
धानापुर। विकास खंड़ में मनरेगा का करीब 10 प्रतिशत कार्य पुरानी आईडी के तहत शेष है जो पूर्ण किया जा रहा है। मनरेगा के परियोजना अधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद से नई आईडी बनना बंद है। वैसे आवास संबंधित मनरेगा के कार्य चल रहे हैं।
इनसेट.........
कहीं बंद है तो कहीं चल रहा कार्य
धीना। बरहनी विकासखंड के डेढ़गावां, नूरी, सबल जलालपुर, भैंसउर, बहोरा चंदेल आदि गांव सभाओं में मनरेगा के तहत लगातार काम चल रहा है। वहीं डेढ़गावां के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह व नूरी के मनीष सिंह ने बताया कि चुनाव के चलते मजदूरों के काम पर न आने से काम अवश्य बंद हो जा रहा है। वही पिपरदहां के ग्राम प्रधान नागेंद्र यादव ने बताया कि आईडी न होने से डेढ़ दो महीने से काम बंद है। ऐसे ही ग्रामसभा डिग्घी, डैना, खजरा आदि गांव में काम नहीं हो पा रहा है। धानापुर विकासखंड के रैथा गांव सभा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मिथुन ने बताया कि गांव सभा में मनरेगा के तहत काम लगातार चल रहा है।
कोट----
बरहनी विकास खंड में मनरेगा का कोई कार्य शेष नहीं है। ढाई सौ मजदूरों को सौ दिन की मजदूरी भी मिल चुकी है। नए कार्य चुनाव बाद ही शुरू होंगे। - आशीष सिंह, एपीओ
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आचार संहिता लगने के बाद मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल रहा काम
- घर चलाना हुआ मुश्किल, अधिकारियों का काम पूरा होने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-85
पीडीडीयू नगर। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। वहीं विधानसभा चुनाव को लेकर लगे आचार संहिता के बाद मनरेगा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। इससे उनके लिए परिवार का खर्च चला पाना मुश्किल हो गया है। वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है। तमाम गांवों में अभी मनरेगा के तहत जितने लोगों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का आधा लक्ष्य भी पूरा नहीं किया जा सका है जबकि मनरेगा के तहत काम कराने के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जब गांव की सरकार का नया गठन हुआ तो काम में भी तेजी आई थी। योजना के तहत करीब सभी ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया था पर विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने के बाद काम मिलना काफी कम हो गया है। वहीं कुछ ब्लॉक के अधिकारियों का दावा है कि आचार संहिता की घोषणा होने से पहले ही उन्होंने लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। चुनाव के बाद नए सिरे से काम का आवंटन किया जाएगा।
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दो लाख से अधिक है जॉब कार्डधारकों की संख्या
पीडीडीयू नगर। जिले में मनरेगा योजना के तहत जॉबकार्ड बनवाने वाले श्रमिकों की संख्या दो लाख 16 हजार 475 है। इसमें से एक लाख 28 हजार 80 मजदूर ऐसे हैं जो सक्रिय हैं। मनरेगा सेल के अनुसार जिले के 734 ग्राम पंचायतों में से 668 में काम कराया गया है। इससे 37 हजार 539 लोगों को काम मिला है।
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चकिया और शिकारगंज में दो माह से बंद है कार्य
चकिया/ शिकारगंज। स्थानीय विकास खंड के 89 ग्राम पंचायत में लगभग 50 हजार मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें 32 हजार मनरेगा मजदूर रनिंग के तौर पर कार्यरत हैं जिनका लगभग दो माह से काम ठप है। ग्राम प्रधानों की माने तो आदर्श आचार संहिता के पूर्व चल रहे कार्यों के बाद नए आईडी देने के लिए विभाग के तरफ से कोई हरी झंडी नहीं मिली है। इससे ग्राम पंचायत के मनरेगा मजदूरों को काम देने में दिक्कत हो रही है।
जानकारी के अनुसार 60-40 का काम देने का मानक निर्धारित है। चुनाव की समाप्ति के बाद 21 दिन ही बचेगा। इस अंतराल में अगर नई आईडी जनरेट नहीं की गई तो निर्धारित मानक के अनुसार मजदूरों को कार्य देना संभव नहीं है। हेतिमपुर के ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि खंड विकास कार्यालय के अधिकारी द्वारा मनरेगा के लिए नई आईडी उपलब्ध नहीं होने से मनरेगा मजदूरों को काम नहीं मिल पाया है। प्रधान संघ के अध्यक्ष रामलाल यादव ने बताया कि मनरेगा कार्य के लिए आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर विभागीय अधिकारी आईडी नहीं मिलने की विवशता बता रहे हैं।
नई आईडी बंद होने से नहीं मिल रहा कार्य
धानापुर। विकास खंड़ में मनरेगा का करीब 10 प्रतिशत कार्य पुरानी आईडी के तहत शेष है जो पूर्ण किया जा रहा है। मनरेगा के परियोजना अधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद से नई आईडी बनना बंद है। वैसे आवास संबंधित मनरेगा के कार्य चल रहे हैं।
इनसेट.........
कहीं बंद है तो कहीं चल रहा कार्य
धीना। बरहनी विकासखंड के डेढ़गावां, नूरी, सबल जलालपुर, भैंसउर, बहोरा चंदेल आदि गांव सभाओं में मनरेगा के तहत लगातार काम चल रहा है। वहीं डेढ़गावां के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह व नूरी के मनीष सिंह ने बताया कि चुनाव के चलते मजदूरों के काम पर न आने से काम अवश्य बंद हो जा रहा है। वही पिपरदहां के ग्राम प्रधान नागेंद्र यादव ने बताया कि आईडी न होने से डेढ़ दो महीने से काम बंद है। ऐसे ही ग्रामसभा डिग्घी, डैना, खजरा आदि गांव में काम नहीं हो पा रहा है। धानापुर विकासखंड के रैथा गांव सभा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मिथुन ने बताया कि गांव सभा में मनरेगा के तहत काम लगातार चल रहा है।
कोट----
बरहनी विकास खंड में मनरेगा का कोई कार्य शेष नहीं है। ढाई सौ मजदूरों को सौ दिन की मजदूरी भी मिल चुकी है। नए कार्य चुनाव बाद ही शुरू होंगे। - आशीष सिंह, एपीओ