{"_id":"66f9ce402cc660577e03f004","slug":"mafias-eye-on-the-birthplace-of-kabir-and-ravidas-mp-chandauli-news-c-189-1-svns1010-121245-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"कबीर और रविदास के जन्मस्थान पर माफिया की नजर : सांसद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कबीर और रविदास के जन्मस्थान पर माफिया की नजर : सांसद
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने रविवार को वाराणसी में संत कबीर और संत रविदास की स्मृतियों पर गलत दस्तावेज के जरिये भूमाफिया पर कब्जे का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्थानीय जनता से कई शिकायतें मिली हैं कि काशी की पहचान गोस्वामी तुलसीदास, संत कबीर और संत रविदास की स्मृतियों को कूटरचित दस्तावेजों के जरिये भू-माफिया कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। विशेष रूप से संत कबीर के अनुयायियों की आस्था का केंद्र कबीर मठ, मूल गादी और उससे जुड़ीं अन्य संपत्तियों पर फर्जी दस्तावेज के जरिये भू-माफिया कब्जा कर बेच रहे हैं। इसी तरह महात्मा गांधी के संस्थान, साहित्यकार स्व. जयशंकर प्रसाद, भारतेंदु हरिश्चंद्र के संस्थान और स्व. रविशंकर जैसी विभूतियों की स्मृतियों को भी खत्म किया जा रहा है। यह तब हो रहा है, जब हमारे जिले के सांसद देश के प्रधानमंत्री हैं। हम स्थानीय प्रशासन और प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें, ताकि काशी की महान विभूतियों की स्मृतियों को बचाया और संरक्षित किया जा सके।
विज्ञापन
सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्थानीय जनता से कई शिकायतें मिली हैं कि काशी की पहचान गोस्वामी तुलसीदास, संत कबीर और संत रविदास की स्मृतियों को कूटरचित दस्तावेजों के जरिये भू-माफिया कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। विशेष रूप से संत कबीर के अनुयायियों की आस्था का केंद्र कबीर मठ, मूल गादी और उससे जुड़ीं अन्य संपत्तियों पर फर्जी दस्तावेज के जरिये भू-माफिया कब्जा कर बेच रहे हैं। इसी तरह महात्मा गांधी के संस्थान, साहित्यकार स्व. जयशंकर प्रसाद, भारतेंदु हरिश्चंद्र के संस्थान और स्व. रविशंकर जैसी विभूतियों की स्मृतियों को भी खत्म किया जा रहा है। यह तब हो रहा है, जब हमारे जिले के सांसद देश के प्रधानमंत्री हैं। हम स्थानीय प्रशासन और प्रधानमंत्री से आग्रह करते हैं कि तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें, ताकि काशी की महान विभूतियों की स्मृतियों को बचाया और संरक्षित किया जा सके।
विज्ञापन