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विधायक और पुलिस में हुई नोकझोंक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:24 AM IST
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सदर ब्लॉक के सेक्टर चार से भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य भैरव नाथ
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गुप्ता के ऐलहीं स्थित आवास पर बुधवार को विधायक सुशील सिंह और भाजपा
कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने सत्ता पक्ष के दबाव में भैरव गुप्ता को घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया और उन्हें आपने साथ पार्टी कार्यालय ले जाने लगे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं और विधायक को ऐसा करने से रोक दिया।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। बाद में एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर भाजपाजनों और विधायक को समझाया बुझाया।
चर्चा के मुताबिक भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य भैरव नाथ गुप्ता के ऐंलही गांव स्थित आवास पर सुबह जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी सरिता सिंह के पति छत्रबली सिंह पहुंचे और अपने पक्ष में समर्थन मांगा। इसकी जानकारी जब सकलडीहा विधायक सुशील सिंह को हुई, तो वे भी कुछ देर बाद पहुंच गए।
तब छत्रबली सिंह वहां से चले गए। उस समय भैरव गुप्ता के आवास पर धरौली चौकी प्रभारी एके सिंह और दो सिपाही तैनात थे। इसी बीच भाजपा के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। वे सभी जिला पंचायत सदस्य को चंदौली स्थित पार्टी कार्यालय पर ले जाने लगे। लेकिन चौकी प्रभारी ने उन्हें मना कर दिया।
इस पर विधायक और कार्यकर्ताओं की चौकी प्रभारी से झड़प हुई। तभी सूचना पाकर सैयदराजा थाना प्रभारी रामप्रगट यादव भी पहुंच गए और उन्होंने भी सदस्य को घर से बाहर ले जाने से विधायक को मना किया।
कहा कि डीएम और एसपी का निर्देश है कि सभी सदस्यों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। इस पर विधायक ने सत्ता पक्ष के दबाव में भाजपा सदस्य को घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया।
कहा कि उनकी पत्नी अध्यक्ष की उम्मीदवार किरन सिंह को हराने के लिए शासन के दबाव में उनके पक्ष के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। बाद में सदर एसडीएम गिरीश कुमार पहुंचे और विवाद शांत कराया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने सत्ता पक्ष के दबाव में भैरव गुप्ता को घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया और उन्हें आपने साथ पार्टी कार्यालय ले जाने लगे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं और विधायक को ऐसा करने से रोक दिया।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। बाद में एसडीएम सदर ने मौके पर पहुंचकर भाजपाजनों और विधायक को समझाया बुझाया।
चर्चा के मुताबिक भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य भैरव नाथ गुप्ता के ऐंलही गांव स्थित आवास पर सुबह जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी सरिता सिंह के पति छत्रबली सिंह पहुंचे और अपने पक्ष में समर्थन मांगा। इसकी जानकारी जब सकलडीहा विधायक सुशील सिंह को हुई, तो वे भी कुछ देर बाद पहुंच गए।
तब छत्रबली सिंह वहां से चले गए। उस समय भैरव गुप्ता के आवास पर धरौली चौकी प्रभारी एके सिंह और दो सिपाही तैनात थे। इसी बीच भाजपा के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। वे सभी जिला पंचायत सदस्य को चंदौली स्थित पार्टी कार्यालय पर ले जाने लगे। लेकिन चौकी प्रभारी ने उन्हें मना कर दिया।
इस पर विधायक और कार्यकर्ताओं की चौकी प्रभारी से झड़प हुई। तभी सूचना पाकर सैयदराजा थाना प्रभारी रामप्रगट यादव भी पहुंच गए और उन्होंने भी सदस्य को घर से बाहर ले जाने से विधायक को मना किया।
कहा कि डीएम और एसपी का निर्देश है कि सभी सदस्यों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। इस पर विधायक ने सत्ता पक्ष के दबाव में भाजपा सदस्य को घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया।
कहा कि उनकी पत्नी अध्यक्ष की उम्मीदवार किरन सिंह को हराने के लिए शासन के दबाव में उनके पक्ष के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। बाद में सदर एसडीएम गिरीश कुमार पहुंचे और विवाद शांत कराया।