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चिकित्सक के फर्ज के आगे सारी परेशानियां लगती हैं छोटी
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पीडीडीयू नगर। कोरोना से लड़ाई में कर्मवीर योद्धा बनकर ड्यूटी पर मुस्तैद लोगों के साथ उनका परिवार भी इस लड़ाई में बराबरी का भागीदार बना हुआ है। इसमें कई ऐसे लोग है जहां पति और पत्नी दोनों ही चिकित्सक है और कोरोन के खिलाफ जंग में घर, परिवार और बच्चों की परेशानियों को भूलकर सिर्फ ड्यूटी को मुस्तैदी से कर रहे है।
नगर के राजकीय महिला चिकित्सालय में बतौर प्रभारी चिकित्साधिकारी तैनात डा. आकिफ अहमद बनारस रहते है। उनकी पत्नी डा. तस्नीम वाराणसी के आराजी लाईन स्थित सीएचसी में तैनात है। डा. आकिफ ने बताया कि राजकीय महिला चिकित्सालय का प्रभारी होने के नाते कार्य का दबाव रहता है। इस कोरोना के संक्रमण काल में ड्यूटी और अधिक सख्त हो गई है। वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी भी चिकित्सक होने के नाते मानव सेवा में लगी रहती हैं। इस दौरान सबसे अधिक असर उनके परिवार और बच्चों पर पड़ रहा है लेकिन चिकित्सा पेशे में होने कारण इस दौर समय समाज को सबसे अधिक चिकित्सकों की जरूरत है। ऐसे में परिवार से ऊपर उठकर मुस्तैदी से ड्यूटी करना ही उनका लक्ष्य रहता है। वही अस्पताल में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात डा. राजकुमार यादव ने बताया कि उनकी पत्नी डा. प्रिया यादव भी चिकित्सक हैं और वर्तमान में आयुर्वेदिक अस्पताल आजमगढ़ में तैनात हैं। बताया कि इस संक्रमण काल में ड्यूटी के कारण कई बार परिवार पर ध्यान नहीं दे पा रहे है। घर के कई कार्य है जो छुट्टी नहीं मिलने के कारण अधूरे पड़े हुए है। कहा इन सबके बावजूद भी इस पेशे से जुड़े होने के गौरव के आगे सभी परेशानियां छोटी लगती है।
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नगर के राजकीय महिला चिकित्सालय में बतौर प्रभारी चिकित्साधिकारी तैनात डा. आकिफ अहमद बनारस रहते है। उनकी पत्नी डा. तस्नीम वाराणसी के आराजी लाईन स्थित सीएचसी में तैनात है। डा. आकिफ ने बताया कि राजकीय महिला चिकित्सालय का प्रभारी होने के नाते कार्य का दबाव रहता है। इस कोरोना के संक्रमण काल में ड्यूटी और अधिक सख्त हो गई है। वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी भी चिकित्सक होने के नाते मानव सेवा में लगी रहती हैं। इस दौरान सबसे अधिक असर उनके परिवार और बच्चों पर पड़ रहा है लेकिन चिकित्सा पेशे में होने कारण इस दौर समय समाज को सबसे अधिक चिकित्सकों की जरूरत है। ऐसे में परिवार से ऊपर उठकर मुस्तैदी से ड्यूटी करना ही उनका लक्ष्य रहता है। वही अस्पताल में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात डा. राजकुमार यादव ने बताया कि उनकी पत्नी डा. प्रिया यादव भी चिकित्सक हैं और वर्तमान में आयुर्वेदिक अस्पताल आजमगढ़ में तैनात हैं। बताया कि इस संक्रमण काल में ड्यूटी के कारण कई बार परिवार पर ध्यान नहीं दे पा रहे है। घर के कई कार्य है जो छुट्टी नहीं मिलने के कारण अधूरे पड़े हुए है। कहा इन सबके बावजूद भी इस पेशे से जुड़े होने के गौरव के आगे सभी परेशानियां छोटी लगती है।
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