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लाल कॉलोनी पर चली जेसीबी, मची खलबली
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पडा़व। साहुपुरी में लाल कॉलोनी पर कब्जा करने गई एनडीआरएफ का विरोध किए जाने के दूसरे दिन मंगलवार को पूरा प्रशासन ही वहां पहुंच गया। लोगों को कमरे से निकाल कर कमरों पर जेसीबी चला दिया गया। इससे कॉलोनीवासियों में खलबली मच गई। बाद में लोगों ने खुद ही मकान खाली करना शुरू कर दिया। मकान खाली कराने की कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति रही।
श्रम विभाग की कॉलोनी को एनडीआरएफ को सौंपे जाने के बाद लगभग आठ माह पहले एसडीएम ने कॉलोनी में रह रहे लोगों को आवास खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद लोगों ने हाई कोर्ट की शरण ली। इसमें कुछ लोगों को न्यायालय से स्थगन आदेश मिल गया। इसके बाद लोग निश्चिंत हो गए। सोमवार को एनडीआरएफ के जवान कॉलोनी में पहुंचे और मकानों पर कब्जा की कोशिश की लेकिन कॉलोनीवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। इससे कब्जा करने गए लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
मंगलवार को दिन में 11 बजे एसडीएम पीडीडीयू नगर विजय नरायन सिंह, अलीनगर और मुगलसराय की थाने की फोर्स व पीएसी के साथ पहुंचे। यहां सुरक्षा के बीच लोगों को क्वार्टरों से बाहर निकाल कर मकान की दीवार गिराने की शुरूआत की। लगभग चार घंटे तक कार्रवाई चलती रही। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया लेकिन पुलिस की वजह से विरोध नहीं कर सके। कार्रवाई शुरू होते ही बड़े पैमाने लोग घरों को खुद खाली कर दिया।
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इस संबंध में एसडीएम विजयनरायन सिंह ने कहा कि लाल कॉलोनी को एनडीआरएफ को स्थानांतरित कर दिया गया है। कॉलोनी में आस पास के गांव के लोग अवैध तरीके से रह रहे हैं। उन लोगों को चिह्नित कर आस पास के ग्राम पंचायत में भूमि आवंटित की जाएगी। इस दौरान उनके रहने की व्यवस्था की जा रही है। बताया कि यहां पर कुल 34.50 एकड़ जमीन है। उसी पर कालोनी बनी है। कालोनी में 92 लोगों को कुछ माह पूर्व नोटिस जारी किया गया था। इसमें 14 लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। इनके क्वार्टर को छोड़ कर 77 लोगों से कॉलोनियों को खाली कराकर एनडीआरएफ को सौंपा जाएगा।
पडा़व। लाल कॉलोनी को खाली कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य अजीत यादव बब्बू मौके पर पहुंच गए। अजीत यादव के नेतृत्व में कॉलोनीवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर मकान को खाली करने के लिए 14 दिन का समय मांगा। इस पर एसडीएम ने विचार करने का आश्वासन दिया। कॉलोनीवासियों ने कहा कि बारिश के समय में मकान खाली करने में मुश्किल हो रही है।
पड़ाव। वर्षों से लाल कॉलोनी में रह रहे लोगों को आठ माह पहले नोटिस मिला तो लोग हाईकोर्ट की शरण में चले गए। न्यायालय ने कॉलोनी के 14 लोगों को स्थगन आदेश दिया। इसकी प्रति सभी अधिकारियों को भेज दी गई। बावजूद इसके कार्रवाई से कॉलोनी के लोगों में नाराजगी है। कॉलोनी के चौधरी राजन खां ,अभिनव वर्मा आदि ने कहा कि हम लोग फिर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
इनसेट-
केमिकल से फर्टीलाइजर होते हुए एनडीआरएफ तक पहुंची भूमि
पड़ाव। साहुपुुरी में बनी लाल कॉलोनी का मालिकाना हक बदलता रहा है। आजादी मिलने के तुरंत बाद साहुपुरी में आस पास के गांवों की भूमि को श्याम केमिकल के नाम से अधिग्रहित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से वादा किया गया था कि जिनकी भूमि ली जा रही है, उन्हें फैक्ट्री में काम दिया जाएगा। वर्ष 1950 में केमिकल फैक्ट्रिी बंद हो गई और हरि फर्टिलाइजर ने इसे अधिग्रहित कर लिया। इस दौरान श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिकों के लिए लॉल कॉलोनी बनाई गई। अब इसे एनडीआरएफ को हस्तांतरित कर दिया गया।
रिपोर्ट- सुभाष मौर्य
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
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श्रम विभाग की कॉलोनी को एनडीआरएफ को सौंपे जाने के बाद लगभग आठ माह पहले एसडीएम ने कॉलोनी में रह रहे लोगों को आवास खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद लोगों ने हाई कोर्ट की शरण ली। इसमें कुछ लोगों को न्यायालय से स्थगन आदेश मिल गया। इसके बाद लोग निश्चिंत हो गए। सोमवार को एनडीआरएफ के जवान कॉलोनी में पहुंचे और मकानों पर कब्जा की कोशिश की लेकिन कॉलोनीवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। इससे कब्जा करने गए लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
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मंगलवार को दिन में 11 बजे एसडीएम पीडीडीयू नगर विजय नरायन सिंह, अलीनगर और मुगलसराय की थाने की फोर्स व पीएसी के साथ पहुंचे। यहां सुरक्षा के बीच लोगों को क्वार्टरों से बाहर निकाल कर मकान की दीवार गिराने की शुरूआत की। लगभग चार घंटे तक कार्रवाई चलती रही। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया लेकिन पुलिस की वजह से विरोध नहीं कर सके। कार्रवाई शुरू होते ही बड़े पैमाने लोग घरों को खुद खाली कर दिया।
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इस संबंध में एसडीएम विजयनरायन सिंह ने कहा कि लाल कॉलोनी को एनडीआरएफ को स्थानांतरित कर दिया गया है। कॉलोनी में आस पास के गांव के लोग अवैध तरीके से रह रहे हैं। उन लोगों को चिह्नित कर आस पास के ग्राम पंचायत में भूमि आवंटित की जाएगी। इस दौरान उनके रहने की व्यवस्था की जा रही है। बताया कि यहां पर कुल 34.50 एकड़ जमीन है। उसी पर कालोनी बनी है। कालोनी में 92 लोगों को कुछ माह पूर्व नोटिस जारी किया गया था। इसमें 14 लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। इनके क्वार्टर को छोड़ कर 77 लोगों से कॉलोनियों को खाली कराकर एनडीआरएफ को सौंपा जाएगा।
पडा़व। लाल कॉलोनी को खाली कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य अजीत यादव बब्बू मौके पर पहुंच गए। अजीत यादव के नेतृत्व में कॉलोनीवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर मकान को खाली करने के लिए 14 दिन का समय मांगा। इस पर एसडीएम ने विचार करने का आश्वासन दिया। कॉलोनीवासियों ने कहा कि बारिश के समय में मकान खाली करने में मुश्किल हो रही है।
पड़ाव। वर्षों से लाल कॉलोनी में रह रहे लोगों को आठ माह पहले नोटिस मिला तो लोग हाईकोर्ट की शरण में चले गए। न्यायालय ने कॉलोनी के 14 लोगों को स्थगन आदेश दिया। इसकी प्रति सभी अधिकारियों को भेज दी गई। बावजूद इसके कार्रवाई से कॉलोनी के लोगों में नाराजगी है। कॉलोनी के चौधरी राजन खां ,अभिनव वर्मा आदि ने कहा कि हम लोग फिर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
इनसेट-
केमिकल से फर्टीलाइजर होते हुए एनडीआरएफ तक पहुंची भूमि
पड़ाव। साहुपुुरी में बनी लाल कॉलोनी का मालिकाना हक बदलता रहा है। आजादी मिलने के तुरंत बाद साहुपुरी में आस पास के गांवों की भूमि को श्याम केमिकल के नाम से अधिग्रहित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से वादा किया गया था कि जिनकी भूमि ली जा रही है, उन्हें फैक्ट्री में काम दिया जाएगा। वर्ष 1950 में केमिकल फैक्ट्रिी बंद हो गई और हरि फर्टिलाइजर ने इसे अधिग्रहित कर लिया। इस दौरान श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिकों के लिए लॉल कॉलोनी बनाई गई। अब इसे एनडीआरएफ को हस्तांतरित कर दिया गया।
रिपोर्ट- सुभाष मौर्य
संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र