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याद किए गए जयप्रकाश
Updated Wed, 14 Sep 2016 01:04 AM IST
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जयप्रकाश सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते प्राचार्य डा.ओमप्रकाश सिंह
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क्षेत्र के मारुफपुर स्थित जटाधारी पीजी कालेज के संस्थापक जयप्रकाश सिंह की 13वीं पुण्यतिथि मंगलवार को महाविद्यालय परिसर में मनायी गई। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की शुरुआत जटाधारी पीजी कालेज के प्राचार्य डा.ओम्रपकाश सिंह ने संस्थापक के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर की।
प्राचार्य ने कहा कि गंगा के तटवर्ती एवं इस पिछड़े इलाके में शिक्षा की अलख जगाकर समाज को शिक्षित करने का प्रयास किया। इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को 15 से 20 किमी दूर जाकर शिक्षा ग्रहण करना पड़ता था। उनकी सोच थी कि समाज शिक्षित होगा तभी देश का विकास होगा। इस महामानव के उच्चविचार को आत्मसात कर उनके पदचिन्हों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि सूरमा वही जो इस जग में अपनी राह बनाता है। जटाधारी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रामअवध यादव ने कहा कि उनके ऊंचे और सच्चे आदर्श आज भी हमारा जीवन पथ आलोकित कर रहे है। उनके आदर्शो का अनुकरण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ऐसे संघर्षशील और कर्तव्यनिष्ठ महामानव की विचारों का आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर कमलेश सिंह, हरिद्वार सिंह, योगेंद्र कुमार, रमेश सिंह, धर्मदेव सिंह आदि मौजूद रहें।
प्राचार्य ने कहा कि गंगा के तटवर्ती एवं इस पिछड़े इलाके में शिक्षा की अलख जगाकर समाज को शिक्षित करने का प्रयास किया। इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को 15 से 20 किमी दूर जाकर शिक्षा ग्रहण करना पड़ता था। उनकी सोच थी कि समाज शिक्षित होगा तभी देश का विकास होगा। इस महामानव के उच्चविचार को आत्मसात कर उनके पदचिन्हों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि सूरमा वही जो इस जग में अपनी राह बनाता है। जटाधारी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रामअवध यादव ने कहा कि उनके ऊंचे और सच्चे आदर्श आज भी हमारा जीवन पथ आलोकित कर रहे है। उनके आदर्शो का अनुकरण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। ऐसे संघर्षशील और कर्तव्यनिष्ठ महामानव की विचारों का आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर कमलेश सिंह, हरिद्वार सिंह, योगेंद्र कुमार, रमेश सिंह, धर्मदेव सिंह आदि मौजूद रहें।
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