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Chandauli News: परस्पर संवाद से भय, तनाव और अवसाद से उबरना है संभव
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पीजी कॉलेज में बुधवार को आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि परस्पर संवाद से भय, तनाव और अवसाद से उबरना संभव है।
मुख्य वक्ता डॉ. वंदना और डॉ. सीता मिश्रा ने बताया कि प्राकृतिक आपदाएं, युद्ध, महामारी या किसी भी प्रकार की मानवीय त्रासदी के समय लोगों का मानसिक संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित होता है।
ऐसे समय में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत आवश्यक होती है। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति अपनी भावनाओं, विचारों और व्यवहारों को संतुलित रख सके।
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सुझाव दिया कि विद्यालयों और समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए ताकि लोग समय रहते अपनी भावनात्मक चुनौतियों को पहचान कर सहायता प्राप्त कर सकें।
आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मनोवैज्ञानिक परामर्श, सामुदायिक सहयोग और परस्पर संवाद के माध्यम से भय, तनाव और अवसाद से उबरना संभव है। समाजशास्त्र विभाग के प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, वरन सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्रों ने अपने विचार साझा किए और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। अध्यक्षता उप प्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने किया।
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मुख्य वक्ता डॉ. वंदना और डॉ. सीता मिश्रा ने बताया कि प्राकृतिक आपदाएं, युद्ध, महामारी या किसी भी प्रकार की मानवीय त्रासदी के समय लोगों का मानसिक संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित होता है।
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ऐसे समय में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत आवश्यक होती है। कहा कि मानसिक स्वास्थ्य ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति अपनी भावनाओं, विचारों और व्यवहारों को संतुलित रख सके।
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सुझाव दिया कि विद्यालयों और समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए ताकि लोग समय रहते अपनी भावनात्मक चुनौतियों को पहचान कर सहायता प्राप्त कर सकें।
आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मनोवैज्ञानिक परामर्श, सामुदायिक सहयोग और परस्पर संवाद के माध्यम से भय, तनाव और अवसाद से उबरना संभव है। समाजशास्त्र विभाग के प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, वरन सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्रों ने अपने विचार साझा किए और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। अध्यक्षता उप प्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने किया।