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कटान जारी, प्रश्ाासन हुआ सर्तक
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:04 AM IST
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मुगलसराय के पराहूपुर में बारिश से गिरा जोखू राम का कच्चा मकान।
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लगातार एक सप्ताह तक पानी का बढ़ाव जारी रहने के बाद शनिवार की सुबह से गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया लेकिन कटान जारी है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.26 मीटर नीचे है। तटवर्ती इलाकों में जहां एक ओर पानी घुसने लगा है वहीं कटान से खेती योग्य भूमि भी नष्ट होने लगी है। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खाद्यान्न की भी व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने बताया कि जिले में बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं और राहत के पूरे उपाय की तैयारी हो चुकी है।
जिले के गंगा के खतरे का निशान 71.26 मीटर है जबकि जल स्तर 70 मीटर तक पहुंच गया था। इससे दुलहीपुर के कुंडा कला, कुंडा खुर्द, मवैया, छेमिया, भिसौडी आदि में पानी बढ़ रहा है। इसी तरह चहनियां क्षेत्र में बलुआ गंगा घाट, पूरा गणेश, पूरा विजई आदि गंगा घाट पर पानी बढ़ने से खलिहानों में पानी घुस गया। टांडा कला के मुस्तफाबाद, चकबोलन, मुकुंदपुर गांव के खलिहान तक गंगा का पानी पहुंच गया है। हसनपुर, तिरगांवा के खेतों तक पानी पहुंचने से मुश्किल हो रही है। चहनियां ब्लाक के ही महरौड़ा, बलुआ, महुआरी, मिश्रपुर सहित अन्य गांवों के सिवान में पानी पहुंचने लगा है।
इसी तरह धानापुर इलाके के प्रसहटा, दीया, बुद्धपुर, नौघरा के सिवान तक पानी पहुंच गया है। किसानों ने गंगा के तटों पर पशु चारे की रोपाई की थी लेकिन पानी भर जाने की वजह से चारे की कटाई मुश्किल हो गई है। ऐसे में पशुओं का चारा न मिलने से किसान अपने मवेशियों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। इस संबंध में एडीएम बीबी पांडेय ने बताया कि गंगा के बढ़ाव पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है और बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से रूक-रूक हो रही बारिश से नगर व आसपास के क्षेत्रों में एक मिटटी का मकान, जर्जर कमरा, बाउंड्रीवाल, मड़ई समेत एक खपरैल का मकान गिर गया। जिसमें तीन बच्चे घायल हो गए वहीं एक गाय समेत तीन बछड़ों की मौत हो गई। पेशे से मजदूर जोखू पराहुपुर में मिट्टी का मकान और एक पक्का कमरा बनाकर रहता है। लगातार हो रही बारिश के चलते वह रात में परिवार संग पास के पक्के कमरे में सोने के लिए चला गया। शनिवार की भोर में तेज आवाज के चलते उसकी नींद खुली तो बाहर जाकर देखा कि उसका मिट्टा का बना कच्चा मकान गिर गया है।
वहीं नगर के चालीस फीट रोड पर मड़ई बारिश के चलते गिर गई। जिसमें बंधी एक गाय व तीन बछड़ों की दबकर मौत हो गई। दूसरी तरफ नई सट्टी में मुन्ना चौहान अपने मकान के जर्जर कमरे के पास तिरपाल लगाकर दुकान चलाता था।
सुबह लगभग नौ बजे वह किसी कार्य से बाहर गया कि तभी जर्जर मकान का बाहरी कमरा भरभरा कर गिर गया। इसके अलावा नगर के काली महाल स्थित अमरनाथ में मकान की जर्जर बाउंड्रीवाल गिरने से पास में खेल रही सलमा (04), सैमुद्दीन(06) घायल हो गए। आसपास के लोगों ने घायलों को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां उनकी हालत स्थिर है। दुलहीपुर मेें पेशे से मजदूर अब्दुल सलाम शकुराबाद मे खपरैल के मकान में अपने परिवार के छह सदस्यों संग रहता है।
रात में उसके मकान का एक हिस्सा गिर गया। जिसमें उसकी पुत्री फातिमा दब(16) दब गई। बाद में पड़ोसियों की मदद से मलबा हटाकर उसे बाहर निकाल गया और निजी चिकित्सालय मे भर्ती कराया। उपचार के बाद उसकी हालत संतोषजनक बनीं हुई है। वहीं दुलहीपुर के वीपी हायर सेकेंडरी स्कूल पर चारों तरफ तीन से चार फीट तक पानी लगा हुआ है। विद्यालय प्रशासन द्वारा इसे निकाले जाने की कोई व्यवस्था न होने से पाठन-पठन प्रभावित है।
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जिले के गंगा के खतरे का निशान 71.26 मीटर है जबकि जल स्तर 70 मीटर तक पहुंच गया था। इससे दुलहीपुर के कुंडा कला, कुंडा खुर्द, मवैया, छेमिया, भिसौडी आदि में पानी बढ़ रहा है। इसी तरह चहनियां क्षेत्र में बलुआ गंगा घाट, पूरा गणेश, पूरा विजई आदि गंगा घाट पर पानी बढ़ने से खलिहानों में पानी घुस गया। टांडा कला के मुस्तफाबाद, चकबोलन, मुकुंदपुर गांव के खलिहान तक गंगा का पानी पहुंच गया है। हसनपुर, तिरगांवा के खेतों तक पानी पहुंचने से मुश्किल हो रही है। चहनियां ब्लाक के ही महरौड़ा, बलुआ, महुआरी, मिश्रपुर सहित अन्य गांवों के सिवान में पानी पहुंचने लगा है।
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इसी तरह धानापुर इलाके के प्रसहटा, दीया, बुद्धपुर, नौघरा के सिवान तक पानी पहुंच गया है। किसानों ने गंगा के तटों पर पशु चारे की रोपाई की थी लेकिन पानी भर जाने की वजह से चारे की कटाई मुश्किल हो गई है। ऐसे में पशुओं का चारा न मिलने से किसान अपने मवेशियों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। इस संबंध में एडीएम बीबी पांडेय ने बताया कि गंगा के बढ़ाव पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है और बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
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क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से रूक-रूक हो रही बारिश से नगर व आसपास के क्षेत्रों में एक मिटटी का मकान, जर्जर कमरा, बाउंड्रीवाल, मड़ई समेत एक खपरैल का मकान गिर गया। जिसमें तीन बच्चे घायल हो गए वहीं एक गाय समेत तीन बछड़ों की मौत हो गई। पेशे से मजदूर जोखू पराहुपुर में मिट्टी का मकान और एक पक्का कमरा बनाकर रहता है। लगातार हो रही बारिश के चलते वह रात में परिवार संग पास के पक्के कमरे में सोने के लिए चला गया। शनिवार की भोर में तेज आवाज के चलते उसकी नींद खुली तो बाहर जाकर देखा कि उसका मिट्टा का बना कच्चा मकान गिर गया है।
वहीं नगर के चालीस फीट रोड पर मड़ई बारिश के चलते गिर गई। जिसमें बंधी एक गाय व तीन बछड़ों की दबकर मौत हो गई। दूसरी तरफ नई सट्टी में मुन्ना चौहान अपने मकान के जर्जर कमरे के पास तिरपाल लगाकर दुकान चलाता था।
सुबह लगभग नौ बजे वह किसी कार्य से बाहर गया कि तभी जर्जर मकान का बाहरी कमरा भरभरा कर गिर गया। इसके अलावा नगर के काली महाल स्थित अमरनाथ में मकान की जर्जर बाउंड्रीवाल गिरने से पास में खेल रही सलमा (04), सैमुद्दीन(06) घायल हो गए। आसपास के लोगों ने घायलों को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां उनकी हालत स्थिर है। दुलहीपुर मेें पेशे से मजदूर अब्दुल सलाम शकुराबाद मे खपरैल के मकान में अपने परिवार के छह सदस्यों संग रहता है।
रात में उसके मकान का एक हिस्सा गिर गया। जिसमें उसकी पुत्री फातिमा दब(16) दब गई। बाद में पड़ोसियों की मदद से मलबा हटाकर उसे बाहर निकाल गया और निजी चिकित्सालय मे भर्ती कराया। उपचार के बाद उसकी हालत संतोषजनक बनीं हुई है। वहीं दुलहीपुर के वीपी हायर सेकेंडरी स्कूल पर चारों तरफ तीन से चार फीट तक पानी लगा हुआ है। विद्यालय प्रशासन द्वारा इसे निकाले जाने की कोई व्यवस्था न होने से पाठन-पठन प्रभावित है।