{"_id":"69a344711bc74f121d08dfdc","slug":"information-on-advanced-farming-was-given-to-farmers-under-the-integrated-horticulture-development-mission-chandauli-news-c-189-1-svns1011-144819-2026-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को दी गई उन्नत खेती की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को दी गई उन्नत खेती की जानकारी
विज्ञापन
मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में 28 फरवरी, शनिवार को एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत दो दिवसीय गोष्ठी का शुभारंभ राज्य सभा सांसद साधना सिंह ने दीप प्रज्वलन कर किया। इसमें किसानों को फल, सागभाजी, पुष्प, मसाले, सिंघाड़ा और मखाने की उन्नत खेती व मौनपालन से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई।
इस दौरान विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल भी लगाए गए थे। बागवानी मिशन के तहत भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डाॅ. सूर्यनाथ चौरसिया ने किसानों को हाईटेक सब्जी उत्पादन के विषय में बताया। वहीं वैज्ञानिक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान डाॅ. सुधीर सिंह ने फल उत्पादन तकनीकी व एक्जोटिक फल, स्ट्राॅबेरी व ड्रैगन फ्रूट और उत्पादित फसलों के विषयों में बताया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक श्रवण पांडेय ने संरक्षित खेती के विषय में बताया। इसके अलावा रिवुलिस फर्म के इंजीनियर कोमल पटेल ने सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र के हेड नरेंद्र रघुवंशी ने सम सामयिक सब्जी व फलों के शस्य उत्पादन प्रक्रिया के विषय में बताया। उद्यान विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. मनीष ने जनपद में मखाना व सिंघाड़ा की खेती उत्पादन के बारे में बताया। विशिष्ट अतिथि जिला विकास अधिकारी सपना अवस्थी उद्यान के प्रति लोगो को जागरूक करते हुए प्रति इकाई क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन के विषय में बताया। गोष्ठी में लीड बैंक मैनेजर सुनील कुमार भगत, डीडीएम नाबार्ड, दीनानाथ श्रीवास्तव ने कृषकों को औद्यानिक फसल के महत्व के विषय मे बताया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल भी लगाए गए थे। बागवानी मिशन के तहत भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डाॅ. सूर्यनाथ चौरसिया ने किसानों को हाईटेक सब्जी उत्पादन के विषय में बताया। वहीं वैज्ञानिक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रधान डाॅ. सुधीर सिंह ने फल उत्पादन तकनीकी व एक्जोटिक फल, स्ट्राॅबेरी व ड्रैगन फ्रूट और उत्पादित फसलों के विषयों में बताया।
विज्ञापन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक श्रवण पांडेय ने संरक्षित खेती के विषय में बताया। इसके अलावा रिवुलिस फर्म के इंजीनियर कोमल पटेल ने सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र के हेड नरेंद्र रघुवंशी ने सम सामयिक सब्जी व फलों के शस्य उत्पादन प्रक्रिया के विषय में बताया। उद्यान विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. मनीष ने जनपद में मखाना व सिंघाड़ा की खेती उत्पादन के बारे में बताया। विशिष्ट अतिथि जिला विकास अधिकारी सपना अवस्थी उद्यान के प्रति लोगो को जागरूक करते हुए प्रति इकाई क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन के विषय में बताया। गोष्ठी में लीड बैंक मैनेजर सुनील कुमार भगत, डीडीएम नाबार्ड, दीनानाथ श्रीवास्तव ने कृषकों को औद्यानिक फसल के महत्व के विषय मे बताया। संवाद
विज्ञापन