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दोहरे शुल्क की मार से जूझ रही हैं औद्योगिक इकाईयां
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पीडीडीयू नगर/नियामताबाद। कोरोना काल में कल-कारखानों पर भी विपरीत असर पड़ा है। उत्पादन से लेकर माल खपत को लेकर उद्यमी परेशान रहे। इसी में मेंटीनेंस चार्ज तीन गुना बढ़ाने के साथ ही दोहरे कर की मार उद्यमी झेल रहे हैँ। उद्यमियों का कहना है कि मेंटीनेंस चार्ज यूपीएसआईडीसी के साथ ही जिला पंचायत की ओर से लिया जा रहा है। इस कोरोना काल में आर्थिक बोझ पड़ रहा है इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। सुविधाएं भी नहीं बढ़ी हैं।
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के फेज वन और फेज दो में कुल मिलाकर 250 से अधिक छोटी बड़ी इकाइयां हैं। इसमें 10 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन वहां सुविधाओं की भी काफी कमी है। पेयजल, यूरिनल, सफाई, शौचालय नहीं है जिससे वहां के कर्मचारियों के साथ माल लेकर आने और जाने वाले चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य का कहना है कि सुविधाओं के लिए यूपीएसआईडीसी ने मेंटीनेंस चार्ज के नाम पर प्रति एक स्क्वायर मीटर पर सालाना आठ रुपये चार्ज लेता था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 24 रुपये कर दिया गया है। जैसे यदि एक हजार स्क्वायर मीटर औद्योगिक इकाई के लिए जमीन है तो साल में उसे 24 हजार रुपये देने पड़ते हैं। जबकि औद्योगिक इकाई इससे अधिक जमीन में स्थापित हैं। ऐसे में मेंटीनेंस के नाम पर साल में काफी पैसा देना पड़ता है। इसी में जिला पंचायत की ओर से भी 16 हजार सालाना शुल्क देना पड़ता है। उद्यमियों को मेंटीनेंस के नाम पर दोहरी मार पड़ रही है। जबकि सुविधाओं के नाम पर सड़क और बिजली की व्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन बाकी सुविधाओं का अभाव है। नियमित सफाई नहीं होती है। शौचालय, यूरिनल, पेयजल की सुविधा औद्योगिक क्षेत्र में नहीं है।
पीडीडीयू नगर। कोरोना काल में औद्योगिक इकाइयों में सुविधाओं के अभाव के बाद भी जिला प्रशासन की पहल पर 248 लोगों को रोजगार दिलाया गया। जिला उद्योग उपायुक्त गौरव मिश्रा ने बताया कि कोरोना काल में बाहर से आए 248 लोगों को औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार दिलाया गया। वहीं दूसरी ओर उद्यमियों ने भी पहल कर अपने स्तर से स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने बताया कि कोरोना के शुरूआती दौर में काफी संख्या में काम करने वाले छोड़कर चले गए थे। लेकिन बाद में उन्हें बुलाकर फिर से रोजगार दिया गया। इसमें चार से पांच हजार लोगों को विभिन्न इकाइयों में रोजगार मुहैया कराया गया।
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पीडीडीयू नगर। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। यहां फ्लोर मिल, राइस मिल, सीमेंट फैक्ट्री, कपड़ा मिल, जरी-दरदोजी कारखाना, पशु आहार, प्लास्टिक की टंकी, पाइप सहित विभिन्न इकाइयां संचालित हैं।
कोरोना काल में औद्योगिक इकाइयों में 248 लोगों को रोजगार दिलाया गया। जरूरत के अनुसार आगे भी रोजगार दिलाया जाएगा। साथ ही मूलभूत सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। ताकि वहां लोगों को कोई परेशानी न हो। गौरव मिश्रा, जिला उद्योग उपायुक्त, चंदौली
कोरोना काल में जिला प्रशासन की ओर से मिले टास्क के अलावा उद्यमियों ने अपने स्तर से चार से पांच हजार लोगों को रोजगार से जोड़ा। लेकिन मेंटीनेंस चार्ज तीन गुना कर दिया गया है। इससे उद्यमियों को अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसे कम करने की जरूरत है। देव भट्टाचार्य, अध्यक्ष रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन।
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रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के फेज वन और फेज दो में कुल मिलाकर 250 से अधिक छोटी बड़ी इकाइयां हैं। इसमें 10 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। लेकिन वहां सुविधाओं की भी काफी कमी है। पेयजल, यूरिनल, सफाई, शौचालय नहीं है जिससे वहां के कर्मचारियों के साथ माल लेकर आने और जाने वाले चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य का कहना है कि सुविधाओं के लिए यूपीएसआईडीसी ने मेंटीनेंस चार्ज के नाम पर प्रति एक स्क्वायर मीटर पर सालाना आठ रुपये चार्ज लेता था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 24 रुपये कर दिया गया है। जैसे यदि एक हजार स्क्वायर मीटर औद्योगिक इकाई के लिए जमीन है तो साल में उसे 24 हजार रुपये देने पड़ते हैं। जबकि औद्योगिक इकाई इससे अधिक जमीन में स्थापित हैं। ऐसे में मेंटीनेंस के नाम पर साल में काफी पैसा देना पड़ता है। इसी में जिला पंचायत की ओर से भी 16 हजार सालाना शुल्क देना पड़ता है। उद्यमियों को मेंटीनेंस के नाम पर दोहरी मार पड़ रही है। जबकि सुविधाओं के नाम पर सड़क और बिजली की व्यवस्था में सुधार हुआ है लेकिन बाकी सुविधाओं का अभाव है। नियमित सफाई नहीं होती है। शौचालय, यूरिनल, पेयजल की सुविधा औद्योगिक क्षेत्र में नहीं है।
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पीडीडीयू नगर। कोरोना काल में औद्योगिक इकाइयों में सुविधाओं के अभाव के बाद भी जिला प्रशासन की पहल पर 248 लोगों को रोजगार दिलाया गया। जिला उद्योग उपायुक्त गौरव मिश्रा ने बताया कि कोरोना काल में बाहर से आए 248 लोगों को औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार दिलाया गया। वहीं दूसरी ओर उद्यमियों ने भी पहल कर अपने स्तर से स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने बताया कि कोरोना के शुरूआती दौर में काफी संख्या में काम करने वाले छोड़कर चले गए थे। लेकिन बाद में उन्हें बुलाकर फिर से रोजगार दिया गया। इसमें चार से पांच हजार लोगों को विभिन्न इकाइयों में रोजगार मुहैया कराया गया।
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पीडीडीयू नगर। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। यहां फ्लोर मिल, राइस मिल, सीमेंट फैक्ट्री, कपड़ा मिल, जरी-दरदोजी कारखाना, पशु आहार, प्लास्टिक की टंकी, पाइप सहित विभिन्न इकाइयां संचालित हैं।
कोरोना काल में औद्योगिक इकाइयों में 248 लोगों को रोजगार दिलाया गया। जरूरत के अनुसार आगे भी रोजगार दिलाया जाएगा। साथ ही मूलभूत सुविधाओं को भी बढ़ाया जाएगा। ताकि वहां लोगों को कोई परेशानी न हो। गौरव मिश्रा, जिला उद्योग उपायुक्त, चंदौली
कोरोना काल में जिला प्रशासन की ओर से मिले टास्क के अलावा उद्यमियों ने अपने स्तर से चार से पांच हजार लोगों को रोजगार से जोड़ा। लेकिन मेंटीनेंस चार्ज तीन गुना कर दिया गया है। इससे उद्यमियों को अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसे कम करने की जरूरत है। देव भट्टाचार्य, अध्यक्ष रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन।