चंदौलीः सीमेंट कारोबारी के नकदी और जेवरात वापस, अभी दस्तावेजों की आयकर विभाग कर रहा जांच
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प्रमुख सीमेंट कारोबारी विष्णुकांत अग्रवाल और विक्रम चैधरी के चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर स्थित कैलाशपुरी आवास और रामनगर स्थित सीमेंट फैक्ट्री पर छापा मारकर आयकर विभाग के अधिकारियों ने लगभग 60 लाख रुपये नगद व 40 लाख रुपये के जेवरात कब्जे में ले लिए थे। विष्णुकांत अग्रवाल के अनुसार, हिसाब का मिलान होने के बाद विभाग ने नगदी और जेवरात वापस कर दिए।
मध्य प्रदेश के सतना स्थित केजेएस ग्रुप सीमेंट इंडिया लिमिटेड कंपनी व उससे जुड़े कुछ कारोबारियों के यहां नौ दिसंबर को आयकर विभाग ने एकसाथ छापा मारा था। इस दौरान नगर के प्रमुख सीमेंट कारोबारी विष्णु कांत अग्रवाल और विक्रम चैधरी के पीडीडीयू नगर स्थित कैलाशपुरी आवास और रामनगर स्थित सीमेंट फैक्ट्री पर भी छापा मारा गया था।
तीन दिन तक की कार्रवाई में आयकर विभाग ने दोनों स्थानों से मिले लगभग 60 लाख रुपये नगद व 40 लाख रुपये के जेवरात कब्जे में ले लिए थे। कारोबारी विष्णुकांत अग्रवाल के अनुसार, हिसाब का मिलान होने के बाद विभाग ने नगदी व जेवरात वापस कर दिए। अन्य कागजात की जांच विभाग कर रहा है।
विष्णुकांत ने बताया कि आयकर विभाग ने कब्जे में लिए गए नगदी, जेवरात, प्रॉपर्टी और कागजात के विषय में पूछताछ की। केजेएस ग्रुप से खरीदे गए क्लिंकर के कागजात की भी जांच की। विष्णुकांत का दावा है कि जांच के दौरान सभी क्लिंकर ख़रीद का भुगतान बैंक से पाया गया। नगदी, जेवरात और प्रॉपर्टी के सभी हिसाब कागजात के मिलान पर ठीक मिले। बताया कि आयकर विभाग की ओर से जानकारी मांगे जाने पर वह सहयोग करते रहेंगे।
गौरतलब है कि आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि केजेएस ग्रुप द्वारा बड़े पैमाने पर सीमेंट व क्लिंकर की नगद बिक्री की जा रही है। इसके बाद विभाग ने केजेएस ग्रुप के साथ-साथ उससे जुड़े सभी कारोबारियों को अपने रडार पर ले लिया है। इस ग्रुप से सीमेंट व क्लिंकर की बड़े पैमाने पर खरीदारी करने वाले कारोबारियों के प्रयागराज, गोरखपुर और चंदौली सहित 15 स्थानों पर छापा मारा गया था।