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अपनी लेखनी से हुमा ने बनाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
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पीडीडीयू नगर। कसाब महाल निवासी हुमा तनवीर अंतर्राष्ट्रीय पहचान वाली लेखिका हैं। हाल-फिलहाल उनको एशिया टॉप 100 इन्फ्लुएशियल वूमेन अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया है। नगर निवासी इस लेखिका की विदेशों में कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। हुमा तनवीर ने छोटी सी उम्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ अपना बल्कि नगर व जिले का भी नाम विश्व में रौशन किया है।
हुमा को एक अंतरराष्ट्रीय लेखक के रूप में पेश करना शायद सबसे आसान है लेकिन उनके लेखन के विशाल भंडार पर एक नजर डालने से पता चलता है कि वह वास्तव में इससे कहीं अधिक हैं। 19 साल की उम्र में,वह लैम्बर्ट पब्लिशिंग हाउस, जर्मनी के साथ दो बुक डील साइन करने वाली सबसे कम उम्र की अंतरराष्ट्रीय लेखिका बन गई थीं। हुमा तनवीर की छह किताबे अंतराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इंग्लैंड और जर्मनी में प्रकाशित हो चुकी हैं और पिछले वर्ष हुमा की सातवीं किताब देश में प्रकाशित हुई है।
हुमा तनवीर ने समाज और उसके विवादस्पद मुद्दे, महिला सशक्तिकरण, युवा उन्मुख और बॉडी लैंग्वेज जैसे विभिन्न विषयो पर किताबें लिखी है। किताबें पढ़ने के बाद देश और विदेशों से काफी सम्मान मिला। साथ ही कई विश्वविद्यालयों द्वारा अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। हुमा वर्तमान में अपनी आठवीं किताब लिख रही हैं जो एक ऐतिहासिक महाकाव्य से प्रेरित थ्रिलर है।
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हुमा बताती हैं कि उनके प्रेरणास्रोत पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम रहे हैं। वे शुरू से ही उनकी किताबें पढ़ती रही हैं। उनसे ही प्रेरित होकर 2009 से लिखना शुरू किया। इसके बाद उन्हें वर्ष 2013 में दिल्ली में आयोजित एक कांफ्रेंस में डा. कलाम से मिलने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ था। उनसे की गई मुलाकात व बातचीत के बाद उन्हें लेखन में काफी सहयोग मिला।
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हुमा को एक अंतरराष्ट्रीय लेखक के रूप में पेश करना शायद सबसे आसान है लेकिन उनके लेखन के विशाल भंडार पर एक नजर डालने से पता चलता है कि वह वास्तव में इससे कहीं अधिक हैं। 19 साल की उम्र में,वह लैम्बर्ट पब्लिशिंग हाउस, जर्मनी के साथ दो बुक डील साइन करने वाली सबसे कम उम्र की अंतरराष्ट्रीय लेखिका बन गई थीं। हुमा तनवीर की छह किताबे अंतराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इंग्लैंड और जर्मनी में प्रकाशित हो चुकी हैं और पिछले वर्ष हुमा की सातवीं किताब देश में प्रकाशित हुई है।
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हुमा तनवीर ने समाज और उसके विवादस्पद मुद्दे, महिला सशक्तिकरण, युवा उन्मुख और बॉडी लैंग्वेज जैसे विभिन्न विषयो पर किताबें लिखी है। किताबें पढ़ने के बाद देश और विदेशों से काफी सम्मान मिला। साथ ही कई विश्वविद्यालयों द्वारा अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। हुमा वर्तमान में अपनी आठवीं किताब लिख रही हैं जो एक ऐतिहासिक महाकाव्य से प्रेरित थ्रिलर है।
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हुमा बताती हैं कि उनके प्रेरणास्रोत पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम रहे हैं। वे शुरू से ही उनकी किताबें पढ़ती रही हैं। उनसे ही प्रेरित होकर 2009 से लिखना शुरू किया। इसके बाद उन्हें वर्ष 2013 में दिल्ली में आयोजित एक कांफ्रेंस में डा. कलाम से मिलने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ था। उनसे की गई मुलाकात व बातचीत के बाद उन्हें लेखन में काफी सहयोग मिला।