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Chandauli News: मैदान और कोच ही नहीं तो कैसे तैयार हो हाॅकी की नर्सरी

Sat, 29 Aug 2026 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:12 AM IST
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How can a hockey nursery be created without a ground and a coach?
चंदौली। जिले के स्कूल-कॉलेजों में खेलकूद प्रतियोगिताएं तो हर साल कराई जाती हैं, लेकिन राष्ट्रीय खेल हॉकी के लिए संसाधन ही नहीं है। ऐसे में हॉकी पसंद होने के बावजूद खिलाड़ियों को दूसरे खेल में कॅरियर तलाशना पड़ता है। न तो हाकी के लिए कोच है और न खेल मैदान। खेलों की सूची में हॉकी को शामिल करने के बावजूद इसकी प्रतियोगिताएं नहीं हो पा रही हैं।
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माध्यमिक विद्यालयों में खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग खेलों का चयन किया जाता है। इनमें हॉकी भी प्रमुख खेलों में शामिल है। विद्यालयों में प्रतिभावान खिलाड़ी होने के बावजूद जिले में हॉकी के लिए न तो मैदान उपलब्ध है और न ही प्रशिक्षण के लिए कोच है। ऐसे में विद्यालय स्तर पर हॉकी के खिलाड़ी तैयार करना और प्रतियोगिता कराना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
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कोट-
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- छात्र-छात्राओं का एक ग्रुप बनाया जाएगा और उन्हें निशुल्क हॉकी स्टिक उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाकर प्रत्येक स्कूल में हॉकी की टीम तैयार की जाएगी। धरहरा में स्टेडियम बनने के बाद हॉकी के खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी। - इरशाद अहमद, उप क्रीड़ा अधिकारी, चंदौली
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- चंदौली में 28 वर्षों से हॉकी की कोई प्रतियोगिता नहीं हुई है। जिले में हॉकी के लिए अपना मैदान तक उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि यहां हॉकी के बड़े खिलाड़ी तैयार नहीं हो पा रहे हैं। - एके पांडेय, सचिव, हॉकी खेल, चंदौली
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