{"_id":"588ba6764f1c1ba333cf7281","slug":"holy-dip-in-the-ganga","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में लगाई पावन डुबकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में लगाई पावन डुबकी
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:28 AM IST
विज्ञापन
गंगाघाट पर स्नान करते श्रद्धालु।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम वाहिनी मां गंगा के बलुआ घाट पर मौनी अमावस्या पर हजारों भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। खराब मौसम के बावजूद आस्थावानों की श्रद्धा देखते ही बनी। स्नान ध्यान के बाद भक्तों ने दान पुण्य भी किया। इस दौरान यहां बड़ा मेला भी लगा रहा। यहां ओखल, मूसल, जांता सहित गृहस्थी के उपयोगी अन्य सामानों की खूब खरीद फरोख्त हुई। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
पिछले दिनो राजघाट पुल पर भगदड़ में 25 लोगों की मौत की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा। एक सप्ताह से यहां की तैयारियों का जायजा लिया गया। मौनी अमावस्या के एक दिन पहले से ही स्नानार्थियों का रेला पहुंचने लगा। रात दो बजे के बाद से ही स्नान ध्यान का सिलसिला शुरू हो गया था। स्नान का सिलसिला देर शाम तक चलता। इस मौके पर वाल्मीकि इंटर कालेज के खेल मैदान में मेला लगा। यहां जाता, ओखली, मुसल की खूब खरीददारी हुई। इस दौरान गुड़ की बनी जलेबी आलू दम, पकौडी के साथ बच्चों के खेल का सामान की खरीददारी हुई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी आदि रहे।
, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार आदि लगातार भ्रमण करते रहे।
विज्ञापन
पिछले दिनो राजघाट पुल पर भगदड़ में 25 लोगों की मौत की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना रहा। एक सप्ताह से यहां की तैयारियों का जायजा लिया गया। मौनी अमावस्या के एक दिन पहले से ही स्नानार्थियों का रेला पहुंचने लगा। रात दो बजे के बाद से ही स्नान ध्यान का सिलसिला शुरू हो गया था। स्नान का सिलसिला देर शाम तक चलता। इस मौके पर वाल्मीकि इंटर कालेज के खेल मैदान में मेला लगा। यहां जाता, ओखली, मुसल की खूब खरीददारी हुई। इस दौरान गुड़ की बनी जलेबी आलू दम, पकौडी के साथ बच्चों के खेल का सामान की खरीददारी हुई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी आदि रहे।
विज्ञापन
, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार आदि लगातार भ्रमण करते रहे।