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पेड़ों की झुरमुट में फंसे हाईटेंशन तार, दुर्घटना के आसार
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पीडीडीयू नगर। बिजली के तारों के पेड़ों की टहनियों के संपर्क में आने से अक्सर हादसे होते रहते हैं। बरसात में इससे बड़े हादसे का डर बना रहता है। इससे बचने के लिए बारिश का सीजन शुरू होने से पहले बिजली विभाग पेड़ों की छंटाई कराता है। पेड़ों की छंटाई के लिए एसई ऑफिस से प्रति वर्ष टेंडर की प्रक्रिया की जाती है लेकिन इस वर्ष अभी तक प्रक्रिया पूरी न होने से पेड़ों की छंटाई का कार्य आरंभ नहीं हो सका है। जबकि जिले में कई जगहों पर पेड़ों की झुरमुट में हाइटेंशन तार भी फंसे हुए हैं। इससे कभी भी खतरा हो सकता है।
मौसम विभाग की ओर से 15 जून से मॉनसून आने की संभावना काफी पहले व्यक्त कर दी गई थी। वहीं बिजली विभाग को मॉनसून से पहले बिजली के एचटी व एलटी तारों के आसपास से गुजरे पेड़ों की टहनियों को छंटवा देने का शासन का निर्देश है। बावजूद इसके लापरवाह विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते। आलम यह है कि इस लापरवाही से पूरे जिले में बिजली के तारों के आसपास पेड़ों के झुंड नजर आ रहे हैं। बिजली के खंभों के नीचे बंधे कई पशु करंट की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। नगर में रविनगर, कैलाशपुरी, वेस्टर्न व ईस्टर्न बाजार, चकिया तिराहा सहित कई मोहल्लों में बिजली के एचटी व एलटी तार पेड़ों के झ़रमुट से होकर गुजर रहे हैं। हवा चलने पर पेडों की टहनियों से टकराकर अक्सर ये तार टूटकर गिरते रहते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाल कुछ ऐसा ही है। अब बरसात शुरू हो जाने के बाद भी पेड़ों की छंटाई नहीं किए जाने से खतरा बना हुआ है।
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मौसम विभाग की ओर से 15 जून से मॉनसून आने की संभावना काफी पहले व्यक्त कर दी गई थी। वहीं बिजली विभाग को मॉनसून से पहले बिजली के एचटी व एलटी तारों के आसपास से गुजरे पेड़ों की टहनियों को छंटवा देने का शासन का निर्देश है। बावजूद इसके लापरवाह विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते। आलम यह है कि इस लापरवाही से पूरे जिले में बिजली के तारों के आसपास पेड़ों के झुंड नजर आ रहे हैं। बिजली के खंभों के नीचे बंधे कई पशु करंट की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। नगर में रविनगर, कैलाशपुरी, वेस्टर्न व ईस्टर्न बाजार, चकिया तिराहा सहित कई मोहल्लों में बिजली के एचटी व एलटी तार पेड़ों के झ़रमुट से होकर गुजर रहे हैं। हवा चलने पर पेडों की टहनियों से टकराकर अक्सर ये तार टूटकर गिरते रहते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाल कुछ ऐसा ही है। अब बरसात शुरू हो जाने के बाद भी पेड़ों की छंटाई नहीं किए जाने से खतरा बना हुआ है।
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