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Chandauli News: निबंध प्रतियोगिता में रानी प्रथम, अंजू व रहनुमा संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर
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स्थानीय पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को हिंदी विभाग और पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘राष्ट्रीय एकता में हिंदी भाषा का योगदान’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता और विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने हिंदी के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में रानी यादव ने प्रथम, अंजू यादव और रहनुमा खातून ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा श्वेता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
निर्णायक मंडल में डॉ. रामानंद कुमार, डॉ. अजय कुमार सिंह यादव और डॉ. उमेश चतुर्वेदी शामिल रहे।
इसके बाद हुई विचार गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोल न के दौरान हिंदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिंदी विभागाध्यक्ष एवं उप प्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने हिंदी को भारतीय संस्कृति की संवाहक बताते हुए कहा कि इसकी व्यापक स्वीकार्यता और जनसंपर्क क्षमता इसकी बड़ी ताकत है।
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इस मौके पर प्रो. दयाशंकर यादव, प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन डॉ. श्यामलाल यादव ने किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. जितेंद्र यादव और अजय कुमार यादव रहे।
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प्रतियोगिता में 50 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने हिंदी के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में रानी यादव ने प्रथम, अंजू यादव और रहनुमा खातून ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा श्वेता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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निर्णायक मंडल में डॉ. रामानंद कुमार, डॉ. अजय कुमार सिंह यादव और डॉ. उमेश चतुर्वेदी शामिल रहे।
इसके बाद हुई विचार गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोल न के दौरान हिंदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हिंदी विभागाध्यक्ष एवं उप प्राचार्य प्रो. दयानिधि सिंह यादव ने हिंदी को भारतीय संस्कृति की संवाहक बताते हुए कहा कि इसकी व्यापक स्वीकार्यता और जनसंपर्क क्षमता इसकी बड़ी ताकत है।
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इस मौके पर प्रो. दयाशंकर यादव, प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन डॉ. श्यामलाल यादव ने किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. जितेंद्र यादव और अजय कुमार यादव रहे।