चहनियां। मानसून की शुरूआत में ही गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ाव हो रहा है। पिछले चौबीस घंटे में पश्चिमवाहिनी गंगा घाट बलुआ में तीन फूट पानी बढ़ा है। वहीं पिछले एक सप्ताह में 12 फूट तक गंगा का जल स्तर बढ़ चुका है। तेजी से बढ़ोत्तरी की वजह से गंगा के तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा मडराने लगा है। इसको लेकर गामीण चिंतित दिख रहे हैं।
वैसे तो जिले में नियामताबाद, चहनियां और धानापुर ब्लाक के 45 से अधिक ग्राम पंचायत गंगा के तट पर बसे हैं। हालांकि चहनियां ब्लाक बाढ़ और कटान से अधिक प्रभावित होता है। पिछले एक दशक में कटान की समस्या अधिक बढ़ी है। बावजूद कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। इस वर्ष मानसून की शुरूआत में ही पानी तेजी से बढने लगी है। बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर पक्के घाट की 12 सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। अब गंगा का जल घाट पर बने गंगा मंदिर की तरफ बढ़ने लगा है। इसे लेकर गंगा के तट पर बसे कांवर, महुआरी खास, बिसुपुर, महुअरिया, सराय, बलुआ, डेरवा, महुअर कला, बिजयी के पूरा, गणेशपूरा, टांडाकला, बड़गांवा, हसनपुर, नादी निधौरा आदि तटवर्ती गांवों में किसान कटान को लेकर परेशान हो रहे हैं। जिस तेजी से पानी की रफ्तार बढ़ रही है। उतनी तेजी हाल के वर्षों में नहीं दिखी थी। टांडाकला कला निवासी विजय नरायन पांडेय, राजमणि पांडेय, तिरगांवा के मंटू यादव, मदन यादव, भूसौला निवासी रामाशीष यादव, हसनपुर के कमलेेश यादव, जूड़ा के उदय तिवारी ने बताया कि जिस तेजी से पानी की रफ्तार बढ़ रही है, इससे तो लगता है कि जुलाई में ही बाढ़ आ सकती है।