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चंदौली में किशोरी की मौत का मामला: संदिग्ध हालात में हुई मौत में शव पोस्टमार्टम न कराना गलत, पूर्व आईपीएस और पत्नी ने उठाए सवाल
Tue, 15 Jun 2021 11:47 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 15 Jun 2021 11:47 PM IST
सार
चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की 12 जून को सोनभद्र जिला अस्पताल में हो गई थी। अस्पताल ने मौत का कारण जहरीला पदार्थ बताया। लेकिन अस्पताल ने शव का पोस्टमार्टम नहीं किया। परिजनों को ऐसे ही लाश सौंप दी, जिसका अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
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विस्तार
चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र की किशोरी की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। दोनों ने एडीजी जोन वाराणसी को पत्र लिख कर मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जहर से मौत की आशंका के बाद भी शव का पोस्टमार्टम न कराना गैरकानूनी है।
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पत्र में बताया कि बबुरी थाना क्षेत्र निवासी किशोरी की मौत 12 जून को सोनभद्र के जिला अस्पताल में हुई है। मृत्यु प्रमाणपत्र के अनुसार, किशोरी की मौत जहरीले पदार्थ के चलते हुई है। परिवार वालों के अनुसार, किशोरी शनिवार की सुबह साइकिल से बैंक जाने के लिए निकली थी। रात लगभग नौ बजे सुकृत से पुलिसकर्मी का फोन आया कि उनकी बच्ची जिला अस्पताल सोनभद्र में भर्ती है। अस्पताल पहुंचने पर वह मृत मिली। चिकित्सकों ने बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिवार वालों को सौंप दिया। परिवार वालों ने भी अंतिम संस्कार कर दिया।
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यह पूरा घटनाक्रम विश्वसनीय प्रतीत नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल की ओर से बिना पोस्टमार्टम के मौत का कारण जहर लिख देना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है। जहर से मौत की आशंका के बाद भी पंचायतनामा अथवा पोस्टमार्टम न कराना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में चंदौली के कुछ ताकतवर लोगों द्वारा हत्या तथा पुलिस व डॉक्टरों से मिलकर फर्जी अभिलेख बनवाने एवं परिवार को वश में करने की चर्चा है। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने पत्र एसीएस होम, डीजीपी, यूपी, मंडलायुक्त वाराणसी/मिर्जापुर, आईजी रेंज वाराणसी, डीएम चंदौली तथा एसपी सोनभद्र को भेजा है।
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चकिया की सीओ प्रीति तिवारी ने कहा कि घटना सोनभद्र में हुई है। वहीं किशोरी मिली और अस्पताल में उसकी मौत हुई है। वहां के डॉक्टर ने बताया है कि किशोरी के माता-पिता ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें किसी पर संदेह नहीं है। इस प्रकरण में अभी तक कोई जांच मेरे पास नहीं आई है। आएगी तो जांच करेंगे।