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कालेज में गूंजे लोकगीत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 05 Sep 2015 01:50 AM IST
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त्रिपाठी राजकीय डिग्री कालेज में आयोजित कजरी एवं पारंपरिक लोक गीत
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को रंगारंग समापन हो गया।
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों और प्रख्यात लोकगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्त़ुति दी।
इस अवसर पर प्राचार्या डा. विजयलक्ष्मी शर्मा ने कहा कि वर्तमान में विलुप्त हो रहे पारंपरिक लोकगीत को सहेजने की आवश्यकता है। लोकगीत के बगैर संगीत अधूरा है।
उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों से इस विधा को आगे ले जाने का आह्वान किया।
ख्यातिप्राप्त गायक देवाशीष डे ने कहा कि यह विडंबना ही है कि आज शहर के लोगों को गांवों में जाकर लोकगीत के बारे में जानकारी देनी पड़ रही है। जबकि लोक गीत ग्रामीण क्षेत्रों की ही उपज है।
इस दौरान देवाशीष डे ने कजरी और सावनी गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने कजरी, झूला, दादारा, बृज की होली, चैती, सोहर, बारहमासा आदि गानों से न सिर्फ लोगों का मनोरंजन किया बल्कि अपनी तैयारियों की बानगी भी प्रस्तुत की।
मुख्य प्रशिक्षिका डा. रजनी सरना ने छात्राओं संग प्रस्तुति देकर लोगों की तालियां बटोरीं। इस अवसर पर भूतपूर्व प्राचार्या डा. मंजूलता लाल, डा. गायत्री माहेश्वरी, सुकृति मिश्रा, डा. रीतू खरवार, डा. संगीता, डा. पवन, डा. विनय, डा. मोरध्वज, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन डा. राजनाथ यादव ने किया।
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों और प्रख्यात लोकगीत कलाकारों ने अपनी प्रस्त़ुति दी।
इस अवसर पर प्राचार्या डा. विजयलक्ष्मी शर्मा ने कहा कि वर्तमान में विलुप्त हो रहे पारंपरिक लोकगीत को सहेजने की आवश्यकता है। लोकगीत के बगैर संगीत अधूरा है।
उन्होंने विद्यालय के विद्यार्थियों से इस विधा को आगे ले जाने का आह्वान किया।
ख्यातिप्राप्त गायक देवाशीष डे ने कहा कि यह विडंबना ही है कि आज शहर के लोगों को गांवों में जाकर लोकगीत के बारे में जानकारी देनी पड़ रही है। जबकि लोक गीत ग्रामीण क्षेत्रों की ही उपज है।
इस दौरान देवाशीष डे ने कजरी और सावनी गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने कजरी, झूला, दादारा, बृज की होली, चैती, सोहर, बारहमासा आदि गानों से न सिर्फ लोगों का मनोरंजन किया बल्कि अपनी तैयारियों की बानगी भी प्रस्तुत की।
मुख्य प्रशिक्षिका डा. रजनी सरना ने छात्राओं संग प्रस्तुति देकर लोगों की तालियां बटोरीं। इस अवसर पर भूतपूर्व प्राचार्या डा. मंजूलता लाल, डा. गायत्री माहेश्वरी, सुकृति मिश्रा, डा. रीतू खरवार, डा. संगीता, डा. पवन, डा. विनय, डा. मोरध्वज, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन डा. राजनाथ यादव ने किया।