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आग लगने के बचाव के उपाय बताए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 20 Feb 2016 01:32 AM IST
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उत्तर प्रदेश फायर सर्विस विभाग के तत्वावधान में अग्निरोधक प्रचार-प्रसार
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कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जगदीश सराय गांव में अग्निशमन विभाग
द्वारा लोगों को आग लगने के कारण और बचाव के तरीकों के बारे में बताया गया।
इस दौरान पेट्रोल, घरेलू गैस सिलेंडर से लगने वाली आग पर तत्काल काबू पाने के उपायों की जानकारी दी गई।
अग्निशमन विभाग के लोगों ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आग लगने के कई कारण हो सकते हैं। लोग छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते जिससे अगलगी की घटनाएं होती हैं और आग से लोगों का सब कुछ जलकर राख हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में हुक्का, चिलम या बीड़ी पीने वाले आग को पूरी तरह बुझाकर ही छोड़ें।
खलिहान तालाब या पानी के साधनों वाले स्थानों के निकट ही स्थापित करें, रसोई घरों की छत पक्की या टिन शेड से बनाएं साथ ही गांव में अग्नि दुर्घटना रोकने के लिए अग्निशमन टोली, संपत्ति बचाव टोली, प्रहरी टोली और जीवन रक्षक टोलियों का निर्माण करें। बताया कि इन टोलियों को अग्निशमन केंद्रों पर प्रशिक्षण दिए जाने की भी व्यवस्था है।
भवनों में अग्नि सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गैस सिलेंडर नियम के विरुद्घ एलपीजी सिलेंडर का भंडारण न करें, आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग न करें, सुरक्षा के लिए लगाए गए उपकरणों को उनके स्थान से कहीं और स्थानांतरित न करें साथ ही कुकिंग गैस सिलेंडर में जरा सा भी लीकेज का आभास होते ही पास-पड़ोस की अन्य अंगीठियों या जलती हुई बीड़ी-सिगरेट को बुझा दें और जब तक घर का वायुमंडल शुद्ध न हो जाए दियासलाई मत जलाएं।
इसके अतिरिक्त एक ही कमरे में गैस का चूल्हा, अंगीठी और बिजली का स्टोव एक साथ नहीं जलाएं। इसके अतिरिक्त आग लगने पर तत्काल अग्नि शमन विभाग को सूचित करें और टीम के पहुंचने तक आग बुझाने की यथासंभव कोशिश करते रहें।
इस दौरान पेट्रोल, घरेलू गैस सिलेंडर से लगने वाली आग पर तत्काल काबू पाने के उपायों की जानकारी दी गई।
अग्निशमन विभाग के लोगों ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आग लगने के कई कारण हो सकते हैं। लोग छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते जिससे अगलगी की घटनाएं होती हैं और आग से लोगों का सब कुछ जलकर राख हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में हुक्का, चिलम या बीड़ी पीने वाले आग को पूरी तरह बुझाकर ही छोड़ें।
खलिहान तालाब या पानी के साधनों वाले स्थानों के निकट ही स्थापित करें, रसोई घरों की छत पक्की या टिन शेड से बनाएं साथ ही गांव में अग्नि दुर्घटना रोकने के लिए अग्निशमन टोली, संपत्ति बचाव टोली, प्रहरी टोली और जीवन रक्षक टोलियों का निर्माण करें। बताया कि इन टोलियों को अग्निशमन केंद्रों पर प्रशिक्षण दिए जाने की भी व्यवस्था है।
भवनों में अग्नि सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गैस सिलेंडर नियम के विरुद्घ एलपीजी सिलेंडर का भंडारण न करें, आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग न करें, सुरक्षा के लिए लगाए गए उपकरणों को उनके स्थान से कहीं और स्थानांतरित न करें साथ ही कुकिंग गैस सिलेंडर में जरा सा भी लीकेज का आभास होते ही पास-पड़ोस की अन्य अंगीठियों या जलती हुई बीड़ी-सिगरेट को बुझा दें और जब तक घर का वायुमंडल शुद्ध न हो जाए दियासलाई मत जलाएं।
इसके अतिरिक्त एक ही कमरे में गैस का चूल्हा, अंगीठी और बिजली का स्टोव एक साथ नहीं जलाएं। इसके अतिरिक्त आग लगने पर तत्काल अग्नि शमन विभाग को सूचित करें और टीम के पहुंचने तक आग बुझाने की यथासंभव कोशिश करते रहें।