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8 वकील और तीन लेखपालों पर केस

Sun, 25 Jun 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंदौली
अमर उजाला ब्यूरो, चंदौली Updated Sun, 25 Jun 2017 01:14 AM IST
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fir lodge against eight advocates and three lekhpals
कलेक्ट्रेट में डीएम को लेखपाल प्रकरण से अवगत कराते अधिवक्ता।
लेखपाल और वकीलों के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों ओर से शुक्रवार की देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया। उधर शनिवार को लेखपालों ने आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए। इस दौरान रजिस्ट्ररी कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालय बंद रहा।20 जून को डेमोक्रेटिक बार के पूर्व अध्यक्ष रमाशंकर खरवार और लेखपाल प्रदीप सिंह के बीच कहासुनी हो गई थी। इसे लेकर 21 जून को वकीलों ने लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार को एसडीएम ने तहसील सभागार में लेखपालों को बुलाया था।
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इसी बीच वकीलों का हुजूम तहसील सभागार में पहुंचकर लेखपालों की जमकर धुनाई कर दी। इसमें दो लेखपालों का सिर फट गया। आक्रोशित लेखपालों ने आठ नामजद वकील सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वहीं अधिवक्ताओं के तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने तीन लेखपाल सहित 20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शनिवार को सुबह लेखपालों ने रजिस्ट्ररी कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों को बंद कराकर आरोपी वकीलों की गिरफ्तारी को लेकर धरना पर बैठ गए। इस संबंध में सीओ सुनील गुप्ता ने बताया कि दोनों ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शीघ्र ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन ः सकलडीहा तहसील में बीते शुक्रवार को हुई मारपीट की घटना को लेकर शनिवार को जिले के अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश दिखा। नाराज अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके डीएम से मिलकर सकलडीहा की घटना से अवगत कराते हुए मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
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इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सकलडीहा तहसील में अधिवक्ता रमाशंकर खरवार से लेखपालों ने अवैध धन की मांग की थी। अधिवक्ता ने जब धन देने से इनकार कर दिया तो लेखपालों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार करते हुए धमकी दी गई। इस घटना की शिकायत उपजिलाधिकारी सकलडीहा से की गयी तो संबंधित लेखपाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं लेखपाल द्वारा गिरोह बनाकर रमाशंकर को मारने-पीटने की धमकी दिया जा रहा था और 23 जून को लेखपालों ने अधिवक्ता के साथ मारपीट की।

जब अधिवक्ता बीच-बचाव करने आए तो अन्य अधिवक्ताओं के साथ लेखपालों द्वारा मारपीट किया गया, जो पूरी तरह से गलत व विधि-विरुद्ध है। अधिवक्ताओं ने कहा कि सकलडीहा तहसील में स्थानीय निवासियों की लेखपाल पद पर नियुक्ति हुई  है, जो दबंगई कर रहे हैं। ऐसे लेखपालों को तत्काल चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। पूरे प्रकरण की जांच हो और जो भी व्यक्ति दोषी हो उसके खिलाफ समुचित कार्रवाई होनी चाहिए।


जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करायी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। इस दौरान सिविल बार अध्यक्ष मनोज सिंह, डेमोक्रेटिक बार अध्यक्ष संतोष सिंह, झनमेजय सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह, राकेश रत्न तिवारी, नीरज सिंह, श्रीनिवास पांडेय, रामाशंकर खरवार, प्रदीप सिंह, सच्चिदानन्द तिवारी आदि रहे।
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