कंदवा। क्षेत्र के अमरा में संचालित क्रय केंद्र एक पखवारे से बंद है। इससे इस पर आधारित एक दर्जन गांवों के किसानों को गेहूं बेचने में दिक्कत हो रही है। मौसम की बेरुखी से किसानों को खलिहान में बिक्री के लिए रखे गेहूं के खराब होने का डर भी सता रहा है। क्रय केंद्र संचालित न होने से किसान अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई को व्यापारियों को औने पौने दाम में बेंचने को मजबूर हैं। क्षेत्र के किसानों की गेहूं खरीद के लिए अमरा में क्रय केंद्र बनाया गया था। एक पखवाड़े पहले क्रय केंद्र को बंद कर दिया गया। इसके बाद से किसानों को गेहूं बेचने में दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के लगभग 16 किमी दूर धीना में क्रय केंद्र बनाया गया है लेकिन वहां जाने में किसानों को परेशानी हो रही है। क्षेत्र में क्रय केंद्र संचालित न होने के कारण पई, असना, कंजेहरा, ओयरचक, कुसी, बकौड़ी, सुढ़ना, जलालपुर, तलासपुर, सिसौरा, बहोरा, कुसहा, सलेमपुर आदि गांवों के किसान गेंहूं की बिक्री के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। किसान क्रय केन्द्र के अभाव में खलिहान में पड़े गेंहूं को व्यापारियों को औने पौने मूल्य पर बेंचने को मजबूर हैं। क्षेत्र के धर्मेन्द्र सिंह, रमेश राय, अलगू राय, त्रिभुवन सिंह, हरखन यादव, संतविलास सिंह आदि किसानों का कहना है कि यदि क्षेत्र में क्रय केन्द्र संचालित होता तो गेहूं की बिक्री में सहूलियत होती और किसानों को उचित मूल्य भी मिल जाता। क्रय केंद्र के अभाव में किसानों को मजबूरन औने पौने दाम में गेहूं बिचौलियों को बेचना पड़ रहा है।